हेडिंग : जमीन मालिकों ने रोका अगुवानी पुल नर्मिाण

Published at :27 Nov 2015 11:09 PM (IST)
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हेडिंग : जमीन मालिकों ने रोका अगुवानी पुल नर्मिाण

हेडिंग : जमीन मालिकों ने रोका अगुवानी पुल निर्माणफोटो है 1 व 2 मेंकैप्सन- हो रहा पुल निर्माण कार्य. -निजी जमीन पर कार्य करने से किया मना-भूमि अधिग्रहण के बिना चल रहा है कार्यप्रतिनिधि, परबत्ता (खगड़िया)प्रखंड के दक्षिणी छोर पर स्थित गंगा नदी में बन रहे फोर लेन पुल के निर्माण में बाधा ने दस्तक […]

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हेडिंग : जमीन मालिकों ने रोका अगुवानी पुल निर्माणफोटो है 1 व 2 मेंकैप्सन- हो रहा पुल निर्माण कार्य. -निजी जमीन पर कार्य करने से किया मना-भूमि अधिग्रहण के बिना चल रहा है कार्यप्रतिनिधि, परबत्ता (खगड़िया)प्रखंड के दक्षिणी छोर पर स्थित गंगा नदी में बन रहे फोर लेन पुल के निर्माण में बाधा ने दस्तक देना शुरू कर दिया है. दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस बाधा को दूर करने के प्रति प्रशासन का रवैया पूर्ववत और सुस्त है. हालांकि पुल निर्माण का कार्य अभी भी चल रहा है, लेकिन इसकी गति पुल निर्माण कार्य को अंजाम देने के लिए चयनित कंपनी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्सन की इच्छा और क्षमता से काफी धीमा चल रहा है. इस बाधा को दूर करने के लिए जो पहल की जा रही है, वह भी धीमी है.क्या है पुल निर्माण में बाधागंगा नदी पर अगुवानी-सुलतानगंज घाट के बीच फोर लेन पुल के निर्माण के लिए बिहार सरकार ने अब तक किसी प्रकार का भूमि अधिग्रहण नहीं किया है. विगत महीने कंपनी ने काम शुरू किया, तो चार पिलरों को गाड़ने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आयी. इन चारों पिलरों पर आज भी काम चल रहा है, लेकिन दो दिन पूर्व जब गोगरी नारायणपुर बांध के बगल में अगुवानी गांव स्थित ठाकुरबाड़ी के निकट पिलर संख्या 30 व 31 के लिए भूमि का चयन कर मशीनों को लगाया जाने लगा, तो भू-धारी ने निजी जमीन होने का हवाला देते हुए उक्त प्लॉट पर काम नहीं करने की चेतावनी देते हुए काम रोक दिया. फिलहाल कंपनी ने इन पिलरों का काम स्थगित रखा है.क्या है वस्तुस्थितिगंगा पुल निर्माण के लिए डेढ़ वर्ष से भूमि अधिग्रहण की शुरुआती प्रक्रिया ही चल रही है. इसके लिये सबसे पहले फोर लेन सड़क का ले आउट प्लान किया गया तथा सड़क निर्माण के लिए उन प्लॉटों को चिह्नित किया गया, जिनका अधिग्रहण होना है. इन चिह्नित प्लॉटों की सूची बना कर उसे अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया के लिए अग्रसारित कर दिया गया है, लेकिन पुल निर्माण के लिए अब तक भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पायी है. इस स्थिति में इस निर्माण के रुकने को पूर्व निर्धारित कहा जा सकता है.कहते हैं किसानअगुवानी-सुलतानगंज पुल निर्माण की जद में आ रहे भू-खंडों के मालिक किसानों का कहना है कि पुल निर्माण कंपनी ने बिना इजाजत लिये ही खेतों में निर्माण का काम शुरू कर दिया. किसी किसान को इसकी आधिकारिक सूचना तक नहीं दी गयी है कि उनकी जमीन पुल निर्माण के लिए ली जानी अपेक्षित है. किसानों की अगुवाई कर रहे परबत्ता के पूर्व प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड तथा एसपी सिंगला ने बिना भूमि अधिग्रहित किये हुए कार्य शुरू कर दिया, जबकि किसानों को अभी यह भी पता नहीं चल रहा है कि उन्हें इस जमीन तथा फसल का मुआवजा दिया जायेगा या नहीं. उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल पर निर्माण में उपयोग होनेवाले भूमि के अलावा आसपास की भूमि तथा फसल क्षतिग्रस्त होती है. किसानों की आजीविका छीने जाने से पहले उन्हें इतना जानने का हक, तो है कि उन्हें कितना और कब मुआवजा दिया जायेगा.कहते हैं प्रोजेक्ट इंजीनियरअगुवानी-सुलतानगंज गंगा पुल निर्माण कार्य में एसपी सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर आलोक झा ने बताया कि कंपनी की ओर से बिहार सरकार के सक्षम प्राधिकार को पुल निर्माण के लिए अपेक्षित भूमि को अधिग्रहित करने के लिए खसरावार सूची उपलब्ध करा दी गयी है. कंपनी इस कार्य को ससमय पूरा करने के लिये दृढ़ संकल्पित है. भूधारी द्वारा पीलर संख्या 30 तथा 31 पर कार्य करने से मना किया गया है. पूर्व से चल रहे कार्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन कंपनी के कार्यक्षमता का संपूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है.कहते हैं अंचल अधिकारीपरबत्ता अंचल के सीओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पुल तथा सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इसमें कुछ समय लग सकता है. पुल का निर्माण होने से इलाके के लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा. इस कार्य में सबका सहयोग अपेक्षित है. जिन किसानों की भूमि इसमें उपयोग में ली जायेगी, उन्हें नियमानुसार मुआवजा भी दिया जायेगा.कहते हैं निगम के प्रोजेक्ट इंजीनियरइस संबंध में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंजीनियर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट में 550 एकड़ भूमि अधिग्रहित किये जाने की आवश्यकता है. निगम ने इसके लिए चिह्नित भूमि की सूची बिहार सरकार को उपलब्ध करा दी है. इसमें समय लग सकता है, लेकिन इससे कार्य की गति प्रभावित नहीं होगी. हम सभी पक्षों से वार्ता कर आपसी सहमति से कार्य को संपादित करेंगे.

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