सड़क पर ही लगता है गोगरी का बस स्टैंड

Published at :06 Nov 2015 9:29 PM (IST)
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सड़क पर ही लगता है गोगरी का बस स्टैंड

सड़क पर ही लगता है गोगरी का बस स्टैंड फोटो 4 मेंकैप्सन- बस स्टैंड खंडहर में तब्दीलप्रतिनिधि, गोगरीयूं तो प्रखंड मुख्यालय गोगरी व जमालपुर के बाजार कुछ खास बड़े नहीं हैं, लेकिन यहां लगने वाले सड़क जाम बेतरतीब वाहन पड़ाव व अस्त-व्यस्त यातायात की परेशानी किसी बड़े शहर से कम नहीं है. आम लोगों को […]

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सड़क पर ही लगता है गोगरी का बस स्टैंड फोटो 4 मेंकैप्सन- बस स्टैंड खंडहर में तब्दीलप्रतिनिधि, गोगरीयूं तो प्रखंड मुख्यालय गोगरी व जमालपुर के बाजार कुछ खास बड़े नहीं हैं, लेकिन यहां लगने वाले सड़क जाम बेतरतीब वाहन पड़ाव व अस्त-व्यस्त यातायात की परेशानी किसी बड़े शहर से कम नहीं है. आम लोगों को आये दिन इन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है. लेकिन इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासनिक व राजनीतिक महकमा बेहद उदासीन है. बस स्टैंड के अलावे यहां से बाजार की ओर जाने वाली मुख्य सड़क व बाजार के क्षेत्र में वाहनों के बेतरतीब पड़ाव से न सिर्फ अन्य वाहनों को आने-जाने में परेशानी होती है. बल्कि पैदल चलने वाले लोग भी इस समस्या से परेशान होते हैं. कभी-कभार तो इस परेशानी की गिरफ्त में प्रशासनिक वाहन भी आते हैं. बावजूद इसके समस्या के निदान को लेकर सकारात्मक कदम उठाया नहीं जाता. गोगरी जैसे छोटे प्रखंड स्तरीय बाजार व सड़क पर यूं जाम लगना लापरवाही व प्रशासनिक विफलता का परिणाम है.जहां-तहां होता है वाहनों का पड़ावयहां दोपहिया या चारपहिया वाहन के पड़ाव को लेकर शायद ही कभी प्रशासन की ओर से जागरूकता कार्यक्रम किया गया हो. कम चौड़ी सड़कें वैसे भी दुकानदारों के अतिक्रमण का शिकार है. रही- सही कसर वाहनों के यत्र-तत्र पड़ाव पूरी कर देता है. परिणामतरू आने-जाने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी होती है. जिसका सबसे बड़ा कारण यह है की गोगरी में स्थाई बस स्टैंड नहीं है. जिससे गाड़ी वाले को जहां तहां गाड़ी लगाने का मजबूरी हो गया है . बस स्टैंड बायपास के समीप बिहार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के समीप मड़ैया की ओर जाने वाले वाहनों के पड़ाव स्थल वकील पान दुकान के समीप मुख्य बाजार का क्षेत्र ऐसे चिह्न्ति स्थल हैं. जहां वाहन पड़ाव जैसे-तैसे होते हैं. नतीजतन प्राय: जाम जैसी स्थिति बनी रहती है.बैंकों के पास नहीं है अपना स्टैंडगोगरी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और बिहार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा को अपना स्टैंड नहीं है. इससे बैंक कर्मियों सहित ग्राहकों के दर्जनों वाहन सड़क पर खड़े किये जाते हैं. इससे खास कर गुजरने वाले चारपहिया वाहन को परेशानी होती है.यात्री वाहनों के पास भी नहीं है वाहन पड़ावसैकड़ों वाहनों के आवागमन के इस केंद्र गोगरी के पास अपना सरकारी और स्थायी वाहन पड़ाव नहीं है. यात्री वाहन सड़क किनारे खड़े होकर विभिन्न जगहों के यात्री को बैठाते हैं. इस प्रक्रिया में सड़क पर यात्रियों की भीड़ वाहनों के आवागमन को सुचारु रखने में बाधा उत्पन्न करती है. गोगरी से महेशखूंट , खगडि़या , मडैया, परबत्ता , के अलावे भागलपुर , बेगूसराय आदि जगहों की ओर जाने वाले यात्री वाहन विभिन्न चिह्न्ति सड़क किनारे खड़े होकर यात्री को बैठाते हैं. बस स्टैंड के मुख्य मार्ग(महेशखूंट अगुवानी मुख्य मार्ग) के दोनों किनारे खड़े दर्जनों वाहन भी यातायात को अवरुद्ध होने का कारण बनते हैं.बाजार से भारी वाहन गुजरने की मजबूरीबस स्टैंड से इन इलाकों की ओर जाने वाला एक मात्र सड़क मुख्य बाजार होकर गुजरती है. बढ़ती जनसंख्या के बीच इस सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है. जबकि बाजार में भीड़ भी समय के अनुरूप बढ़ता जा रहा है. ऐसे में पुराणी खंडहर बस स्टैंड से जमालपुर बाजार तक के एक -डेढ़ किलोमीटर बाजार से होकर जाने वाले रास्ते से वाहनों को गुजरने में घंटों लगते हैं. भारी वाहनों को भी इसी रास्ते से गुजरने पड़ते हैं. ऐसे में बाजार से बेतरतीब वाहन पड़ाव से आये दिन जाम की स्थिति बनती है. इससे छुटकारा पाने के लिए बाइपास सड़क बनाया गया है और बस स्टैंड नहीं होने से ऑटो और चारपहिया वाहन बायपास में सड़क पर ही लगाया जाता है जो की स्टैंड का काम करता है .प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहींयातायात की इतनी समस्याओं से जूझते प्रखंडवासियों के हित को ध्यान में रख कर प्रशासन द्वारा कभी भी समस्या को दूर करने हेतु ठोस उपाय नहीं किये गये.आश्चर्य इस बात का है कि नगर परिषद् या बीस सूत्री की बैठकों में भी शायद ही कभी इस पर चर्चा हुई हो. परिवहन विभाग की बात ही छोड़ दें. स्थानीय प्रशासन द्वारा ऐसे बेतरतीब वाहन पड़ाव के खिलाफ कभी अभियान नहीं चलाया जाता.आम लोगों को उठानी होती है परेशानीऐसे जहां-तहां व बेतरतीब वाहन पड़ाव से लगने वाले जाम आम लोगों को काफी परेशानी में डालते हैं. मुश्किलें तब और ज्यादा बढ़ जाती है जब ऐसे जाम में कोई मरीज या परीक्षार्थी फंस जाते हैं.क्या कहते हैं गोगरी एसडीओगोगरी एसडीओ संतोष कुमार ने बताया कि पुरानी बस स्टैंड एसडीओ आवास के बिल्कुल निकट है. सुरक्षा की दृष्टिकोण से कई वर्ष पूर्व से बस स्टैंड बंद करा दिया गया है. नये स्थान की तलाश की जा रही है.

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