अंधकार के बीच सता रही सुरक्षा की चिंता

Published at :01 Jul 2015 9:02 AM (IST)
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अंधकार के बीच सता रही सुरक्षा की चिंता

गोगरी: अंग्रेजों के जमाने में स्थापित गोगरी थाना ना सिर्फ जिले का पहला थाना है. इसे जिले का पहला मॉडल थाना होने का गौरव प्राप्त किया. लेकिन विभागीय उदासीनता मॉडल थाना होने के बावजूद इसे कोई सुविधा नहीं दी गयी है़ मॉडल थाना के अनुसार यहां भवन तो अवश्य बने परंतु संसाधन कर्मी व अन्य […]

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गोगरी: अंग्रेजों के जमाने में स्थापित गोगरी थाना ना सिर्फ जिले का पहला थाना है. इसे जिले का पहला मॉडल थाना होने का गौरव प्राप्त किया. लेकिन विभागीय उदासीनता मॉडल थाना होने के बावजूद इसे कोई सुविधा नहीं दी गयी है़ मॉडल थाना के अनुसार यहां भवन तो अवश्य बने परंतु संसाधन कर्मी व अन्य सुविधाओं को टोटा थाने का मॉडल ही बिगाड़ रहा है, जिस पर डेढ़ लाख के ऊपर की आबादी के सुरक्षा व शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी है़.
गोगरी थाना का इतिहास
वर्तमान का गोगरी थाना तत्कालीन मुंगेर जिला के समय से खगड़िया अनुमंडल व वर्तमान जिला का पहला थाना है, जिससे पूर्व में पूरा जिला संचालित होता था़ दो दशक पूर्व तक महेशखूंट थाना, पसराहा थाना भी इसी थाना से संचालित था़ आज भी पौरा ओपी इसी थाना के द्वारा संचालित होता है़ भवन की बात को छोड़े तो थाना की व्यवस्था आज भी दशकों पूर्व वाली है़
मॉडल थाना का हाल
गोगरी थाना को मॉडल थाना तो घोषित कर दिया गया, जिसके तहत मॉडल थाना भवन का निर्माण भी कराया गया़ लेकिन मॉडल थाना की सुविधा अब तक मयस्सर नहीं हो पायी है़ सुरक्षा की दृष्टिकोण से अगर बात करें तो रोशनी की समुचित व्यवस्था के अभाव में थाना अंधकार में डूबा रहता है़ स्वच्छ जलापूर्ति के अभाव में साहेब लोग तो मिनिरल वाटर से काम चला लेते हैं, लेकिन कर्मियों को आयरन युक्त जल पीने की मजबूरी है़ वहीं वाहन रखने के लिए गैरेज, सर्च लाइट आदि सुविधा का अभाव है़
हाल वाहनों का थाने में फिलहाल दो वाहन दिये गये है, जिसमें एक जीप्सी और एक जीप है़ पुरानी होने के कारण जीप्सी प्राय: खराब ही रहती है़ वर्तमान में भी खराब पड़ी है़ एक जीप के बूते गश्ती व रेड की जाती है़.
कैसे हो 100 पर डायल, दूरभाष सेवा बेहाल
थाना में लैंड लाइन फोन तो अवश्य है लेकिन वह भी खराब पड़ा है़ ऐसे में 100 या 06245-231228 पर डायल कर पुलिस सेवा लेना मुश्किल है़ वर्तमान में एक वर्ष से फोन खराब है परंतु इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है़.
कर्मियों की भी कमी
मॉडल थाना में कम से कम ग्यारह अधिकारियों की आवश्यकता है, लेकिन यहां आठ अधिकारी ही कार्यरत हैं़ इसमें एक या दो हमेशा अवकाश पर रहते हैं. थानाध्यक्ष के रूप में इंस्पेक्टर पद के अधिकारी हैं. वहीं पांच एस आई के बदले चार एवं पांच एएसआइ के बदले तीन मौजूद है. हाल में यहां मुंशी पद के लिए एक कर्मी नियुक्त किये गये हैं, जो कि मालखाना व अन्य कार्य में इन्हीं अधिकारियों से कार्य लिया जाता है़ वहीं पुलिस जवानों की भी घोर कमी है़
कहते हैं गोगरी थानाध्यक्ष
गोगरी के इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष उमाशंकर प्रसाद सिंह के अनुसार पुलिस बल व कर्मी के अभाव में परेशानी तो होती है. इसके बावजूद भी गोगरी पुलिस अपना कार्य कुशलता से कर रही है़.
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