खगड़िया में रील बनाने गया 18 वर्षीय युवक बागमती में डूबा, दूसरे दिन भी SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

दूसरे दिन भी जारी एसडीआरएफ का खोज अभियान
Khagaria News: खगड़िया के बौरने घाट पर रील बनाते समय 18 वर्षीय युवक रजनीश कुमार बागमती नदी के गहरे पानी में समा गया. परिजनों की उम्मीदें टूटीं, SDRF की टीम दूसरे दिन भी युवक की तलाश में जुटी है.
चौथम (खगड़िया) से धीरज सिंह बन्टू की रिपोर्ट
Khagaria News: मोबाइल से रील बनाने का शौक खगड़िया के एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया. सोमवार शाम बागमती नदी के किनारे रील बनाने गया 18 वर्षीय युवक गहरे पानी में समा गया. रातभर तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला. मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.
मामला चौथम प्रखंड के बौरने घाट का है. मृतक की पहचान मेदनीनगर निवासी शंभू चौधरी के 18 वर्षीय पुत्र रजनीश कुमार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि सोमवार की शाम वह बागमती नदी के किनारे रील बनाने पहुंचा था. इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका.
दूसरे दिन भी जारी रहा खोज अभियान
घटना की सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम हवलदार रामभद्र मिश्र के नेतृत्व में बौरने घाट पहुंची. टीम ने नदी में युवक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया. स्थानीय लोगों की मौजूदगी में लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है.
मध्य बौरने पंचायत के मुखिया शशिभूषण कुमार और समिति प्रतिनिधि मोहन सिंह भी सुबह से घटनास्थल पर मौजूद रहे. उन्होंने एसडीआरएफ अधिकारियों से अभियान की जानकारी ली और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर खोज अभियान में सहयोग किया.
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Khagaria News: गांव में पसरा मातम, नदी किनारे जुटी भीड़
घटना के बाद पूरे मेदनीनगर और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है. बड़ी संख्या में ग्रामीण बौरने घाट पर जुटे हुए हैं और एसडीआरएफ की टीम के सर्च ऑपरेशन पर सभी की नजरें टिकी हैं. परिजन किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि गांव में हर किसी की जुबान पर इस हादसे की चर्चा है.
बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर और गहराई लगातार बदलती रहती है. ऐसे में स्थानीय लोग नदी किनारे जाने और विशेषकर रील या वीडियो बनाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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