ePaper

अखंड सौभाग्य की कामना के साथ 14 दिवसीय मधुश्रावणी पूजा शुरू

Updated at : 25 Jul 2024 11:49 PM (IST)
विज्ञापन
Liquor seized in Khagaria

अखंड सौभाग्य की कामना के साथ 14 दिवसीय मधुश्रावणी पूजा शुरू

विज्ञापन

प्रतिनिधि, खगड़िया/परबत्ता मिथिला संस्कृति का महान पर्व मधुश्रावणी पूजा अखंड सौभाग्य के कामना के साथ नवविवाहिताओं ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर विधि विधान तरीके से पूजा आरंभ किया. बीते बुधवार को नवविवाहिता ने नहाय खाय की. 14 दिवसीय पूजा को लेकर भक्ति का माहौल बन गया है. पूजा के प्रथम दिन नवविवाहिताओं को सुहागिन महिलाओं ने सुहाग दिया. नवविवाहिताओं ने सुहागिन महिलाओं को मेंहदी व अन्य सामग्री भेंट की. कथा वाचिका द्वारा प्रथम दिन शीत बसंत व बिषहरी की कथा नवविवाहिता ने रस पान की. पूजा के पहले दिन नाग-नागिन व उनके पांच बच्चे (बिसहारा) को मिट्टी से गढ़ा गया. हल्दी से गौरी बनाने की परंपरा पुरी की गई. 14 दिनों तक हर सुबह नवविवाहिताएं फूल और शाम में पत्ते तोडेगी. इस त्योहार के साथ प्रकृति का भी गहरा नाता है. मिट्टी और हरियाली से जुड़े इस पूजा के पीछे आशय पति की लंबी आयु होती है.

ससुराल से श्रृंगार पेटी

यह पूजा नवविवाहिताएं अक्सर अपने मायके में ही करती है. पूजा शुरू होने से पहले ही उनके लिए ससुराल से श्रृंगार पेटी दी जाती है. जिसमें साड़ी, लहठी ( लाह की चूड़ी) सिन्दूर, धान का लावा, जाही-जूही (फूल-पत्ती) होता है. मायकेवालों के लिए भी तोहफे शामिल है.

माता गौरी के गाये जाते हैं गीत

सुहागिनें फूल-पत्ते तोड़ते समय और कथा सुनते वक्त एक ही साड़ी हर दिन पहनती है. पूजा स्थल पर अरिपन (रंगोली) बनायी गई. फिर नाग-नागिन, बिसहारा पर फूल-पत्ते चढ़ाकर पूजा शुरू किया गया.

नाग नागिन पर चढ़ाया गया बासी फूल

नवविवाहिता अमीषा कुमार, मोनी कुमारी, अंशू, सोनी, रेखा, काजल, राखी आदि ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि माता गौरी को बासी फूल नहीं चढ़ता जाता है. नाग-नागिन को बासी फूल-पत्ते ही चढ़ाया गया. पूजा के प्रथम दिन मैना (कंचू) के पांच पत्ते पर हर दिन सिन्दूर, मेंहदी, काजल, चंदन और पिठार से छोटे-छोटे नाग-नागिन बनाया गया. कम-से-कम 7 तरह के पत्ते और विभिन्न प्रकार के फूल पूजा में प्रयोग किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन