46 और पैक्सों को मिली धान खरीदने की मंजूरी, धान खरीद में आयेगी तेजी

Updated at : 17 Jan 2020 5:36 AM (IST)
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46 और पैक्सों को मिली धान खरीदने की मंजूरी, धान खरीद में आयेगी तेजी

खगड़िया : धान खरीद में अब तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि 46 और पैक्स को किसानों से खरीद करने की स्वीकृति मिली है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी आदित्य कुमार पियूष ने बताया कि जिला टास्क फोर्स की बैठक में डीएसओ 46 पैक्स के द्वारा धान खरीदने की स्वीकृति दिये जाने के संबंध में भेजे गए […]

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खगड़िया : धान खरीद में अब तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि 46 और पैक्स को किसानों से खरीद करने की स्वीकृति मिली है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी आदित्य कुमार पियूष ने बताया कि जिला टास्क फोर्स की बैठक में डीएसओ 46 पैक्स के द्वारा धान खरीदने की स्वीकृति दिये जाने के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. गौरतलब है कि किसानों से धान क्रय करने को लेकर जिले 26 पैक्स को जिला स्तर से मंजूरी दी गई थी. अब 46 और पैक्स को यह जिम्मेवारी दी गई है.

दो माह में 1.06 प्रतिशत हुई खरीद : बता दें कि जिले में किसानों से धान खरीद के नाम पर अबतब महज कागजी खानापूर्ति हुई है. दो माह में दिये गए टारगेट के विरुद्ध महज 1.06 प्रतिशत धान की खरीद हो पाई है. गौरतलब है कि इस साल जिले के किसानों से 30 हजार एमटी धान खरीद करने के लक्ष्य दिये गए हैं. स्थिति यह है कि दो माह बीत जाने बाद भी आधे से अधिक क्रय केन्द्र के ताले भी नहीं खुल पाए हैं.
जानकार बताते हैं कि जिस क्रय केन्द्र पर धान की खरीद शुरू भी हुई है, वह केन्द्र 15 दिसंबर के बाद खोले गए हैं. जिस कारण उपलब्धि इतनी खराब रही है. विभागीय आंकड़े के मुताबिक इन दो माह में 319.70 एमटी धान की खरीदारी हो पाई है. 31 मार्च तक क्रय केन्द्रों पर धान खरीदे जाएंगे. अगर धान खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ी तो उपलब्धि का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है.
11 में पांच मिलर को धान कुटाई की मिली जिम्मेवारी : किसानों से खरीदे गए धान की कुटाई की जिम्मेवारी 5 मिलरों को दी गई है. तथा चयनित इन मिलरों को पैक्स से टैग किया गया है.
जानकारी के मुताबिक धान कुटाई के लिये जिला स्तर पर 11 मिलर का प्रस्ताव एसएफसी के द्वारा भेजा गया था. लेकिन स्थलीय जांच के बाद 6 मिलर के प्रस्ताव/आवेदन को खारीज कर दिया गया. बताया जाता है आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं रहने के कारण इनके दावे को खारिज कर दिया गया.
किसान भी नहीं ले रहे रुचि
धान खरीद करने में अबतक भले ही सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल रहा हो. लेकिन जिले के किसान भी क्रय केन्द्रों पर धान बेचने को लेकर सजग नहीं हैं. कृषि विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक जिले में हजारों हेक्टेयर भूमि पर काफी संख्या में किसानों ने धान की रोपनी की है.
लेकिन धान बेचने के लिये रजिस्ट्रेशन महज 836 किसानों ने कराया है. जबकि पिछले साल 3102 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. अगर किसानों से धान खरीदने की बात की जाए तो 836 रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों में से महज 38 किसानों से 319.70 एमटी धान की खरीद की गई है.
खरीदारी में तेजी लाने का डीएम ने दिये निर्देश
डीएम अनिरुद्ध कुमार ने डीएसओ को धान खरीदारी में तेजी लाने सहित कई आदेश जारी किये हैं. विभागीय सूत्र के मुताबिक प्रगति खराब रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए धान खरीद में तेजी लाने को कहा है.
डीएम ने किसी भी सूरत में किसानों स वायदा आधारित धान की खरीदारी नहीं करने को कहा है. सीएमआर की क्वालिटी अच्छी हो. इस बात का ध्यान रखने को कहा है. डीएम ने चयनित पैक्सों के मिल टैगिंग का प्रस्ताव मांगा है. साथ ही संबंधित पदाधिकारी को क्रय केन्द्रों की जांच करने के भी आदेश दिये हैं.
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