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नेता व समर्थक सभी को करना होगा आचार संहिता का पालन

Updated at : 15 Mar 2019 3:52 AM (IST)
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नेता व समर्थक सभी को करना होगा आचार संहिता का पालन

खगड़िया : लोकसभा चुनाव का एलान हो चुका है. इसी के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है. चुनावी माहौल में जरूरी है कि आप चुनाव के तमाम नियमों से अपडेट रहें. भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत पारदर्शी चुनावों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है. इसलिए चुनाव आयोग ‘चुनाव […]

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खगड़िया : लोकसभा चुनाव का एलान हो चुका है. इसी के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है. चुनावी माहौल में जरूरी है कि आप चुनाव के तमाम नियमों से अपडेट रहें. भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत पारदर्शी चुनावों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है. इसलिए चुनाव आयोग ‘चुनाव आचार संहिता’ लागू करता है. जिसका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है.

सामान्य नियम
कोई भी दल ऐसा काम न करे,जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले.
राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो,न कि व्यक्तिगत.
धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए.
मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें, जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि.
किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार,अहाते या भूमि का उपयोग न करें.
किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें.
राजनीतिक सभाओं से जुड़े नियम
सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए.
दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहां निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है.
सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें.
सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें.
जुलूस संबंधी नियम
जुलूस का समय, शुरू होने का स्थान, मार्ग और समाप्ति का समय तय कर सूचना पुलिस को दें.
जुलूस का इंतजाम ऐसा हो, जिससे यातायात प्रभावित न हो.
राजनीतिक दलों का एक ही दिन, एक ही रास्ते से जुलूस निकालने का प्रस्ताव हो तो समय को लेकर पहले बात कर लें.
जुलूस सड़क के दायीं ओर से निकाला जाए.
जुलूस में ऐसी चीजों का प्रयोग न करें,जिनका दुरुपयोग उत्तेजना के क्षणों में हो सके.
मतदान के दिन संबंधी नियम
अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें.
मतदाताओं को दी जाने वाली पर्ची सादे कागज पर हो और उसमें प्रतीक चिह्न, अभ्यर्थी या दल का नाम न हो.
मतदान केंद्र के पास लगाये जाने वाले कैंप में भीड़ न लगाएं.
कैंप साधारण होने चाहिए.
मतदान के दिन वाहन चलाने पर उसका परमिट प्राप्त करें.
चुनाव आचार संहिता : क्या क्यों और कैसे
देश में होने वाले सभी चुनावों से पहले चुनाव आयोग आचार संहिता (कोड ऑफ़ कंडक्ट) लगाता है. इस दौरान राजनीतिक दलों, उनके उम्मीदवारों और आम जनता को सख्त नियमों का पालन करना होता है.अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है.उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है.
सत्ताधारी दल के लिए नियम
कार्यकलापों में शिकायत का मौका न दें.
शासकीय दौरे के दौरान मंत्री चुनाव प्रचार के कार्य न करें.
इस काम में सरकारी मशीनरी तथा कर्मचारियों का इस्तेमाल न करें.
सरकारी विमान और गाड़ियों का प्रयोग दल के हितों को बढ़ावा देने के लिए न हो.
हेलीपैड पर एकाधिकार न जताएं.
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