एमडीएम में संविदा पर कार्यरत कर्मियों की मौत पर मिलेंगे चार लाख रुपये

Updated at : 08 Aug 2018 5:37 AM (IST)
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एमडीएम में संविदा पर कार्यरत कर्मियों की मौत पर मिलेंगे चार लाख रुपये

पहले मध्याह्न भोजन योजना के रसोइया को ही सेवाकाल में मौत पर चार लाख रुपये एकमुश्त राशि देने का था प्रावधान खगड़िया : मध्याह्न भोजन योजना में संविदा पर काम करने वाले कर्मियों के लिए खुशखबरी है. सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना में संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों से लेकर कर्मियों को सेवा में मृत्यु होने […]

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पहले मध्याह्न भोजन योजना के रसोइया को ही सेवाकाल में मौत पर चार लाख रुपये एकमुश्त राशि देने का था प्रावधान

खगड़िया : मध्याह्न भोजन योजना में संविदा पर काम करने वाले कर्मियों के लिए खुशखबरी है. सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना में संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों से लेकर कर्मियों को सेवा में मृत्यु होने पर उनके आश्रित को एकमुश्त चार लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है. बिहार सरकार से हरी झंडी मिलते ही उपसचिव अरशद फिरोज ने सभी जिले के डीएम को पत्र भेज कर इस आदेश के क्रियान्वयन का निर्देश दिया है. अब तक मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत सिर्फ रसोइया की सेवाकाल में मौत पर चार लाख रुपये दिये जाने का प्रावधान था. लेकिन सरकार ने इसमें फेरबदल करते हुए अब मध्याह्न भोजन में संविदा पर कार्यरत सभी कर्मियों पर यह आदेश लागू करने का फैसला लेते हुए बड़ी राहत दी है.
बिहार सरकार के उपसचिव से पत्र प्राप्त होते ही डीएम ने डीइओ को इस आशय के अनुपालन के लिये कदम उठाने को कहा है. बता दें कि सिर्फ रसोइया को लाभ देने से संविदा पर कार्यरत कर्मियों में असंतोष फैल रहा था.
20 स्कूलों में बंद था एमडीएम
लाख निरीक्षण के बाद भी सरकारी स्कूलों में गड़बड़ी नहीं रुक रही है. सबसे खास्ताहाल मध्याह्न भोजन योजना का है. शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनोद कुमार सिंह ने द्वारा भेजे गये पत्र से इस बात का खुलासा हुआ है. पत्र में बीते 17 जुलाई को निदेशालय स्तर निगरानी के दौरान बिहार के सभी जिलों में मध्याह्न भोजन योजना की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश में जिले के 20 स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन बंद पाया गया. जिसमें से करीब 10 जगहों पर रसोइया के नहीं रहने को कारण बताया गया. कई स्कूलों में प्रबंधन की लापरवाही तो कहीं खाद्यान्न नहीं रहने का बहाना बना कर मध्याह्न भोजन योजना बंद पायी गयी. जिसे गंभीरता से लेते हुए विभाग के निदेशक ने सभी जिले के डीइओ, डीपीओ को पत्र भेज कर निरीक्षण के दौरान बंद पाये गये स्कूलों के प्रधान पर कार्रवाई का निर्देश दिया है. लिहाजा, विभाग अब इन 20 स्कूलों के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किये जाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
रसोइया के आंदोलन को लेकर विभाग सतर्क
आगामी नौ अगस्त को रसोइया के आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी सतर्क हो गये हैं. बता दें कि प्रदेश स्तर के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में गुरुवार को रसोइया के आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने डीइओ को पत्र भेज कर तैयारी दुरुस्त करने का निर्देश दिया है. बता दें कि धरना, प्रदर्शन, जुलूस, सभा के बाद अब रसोइया ने जेल भरो आंदोलन करने का निर्णय लिया है. इससे स्कूलों में एमडीएम संचालन पर असर पड़ सकता है. लिहाजा, शिक्षा विभाग ने रसोइया के हड़ताल से मध्याह्न भोजन योजना पर कोई असर नहीं पड़े, इसका इंतजाम करने में जुट गयी है.
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के उपसचिव द्वारा भेजे गये पत्र के आलोक में अब मध्याह्न भोजन योजना में संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों व कर्मियों की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके आश्रित को एकमुश्त चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान राशि दिये जायेंगे.
अनिरुद्ध कुमार, डीएम
संविदा पर कार्यरत इनको मिलेगा लाभ
जिला कार्यक्रम प्रबंधक
जिला लेखापाल
जिला साधनसेवी
लेखा पदाधिकारी
पोषाहार विशेषज्ञ
सहायक कार्यक्रम समन्वयक
कार्यालय सहायक
कम्प्यूटर ऑपरेटर
कम्प्यूटर ऑपरेटर/बेल्ट्रान
आदेशपाल
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