तीसरे दिन भी जिला दवा भंडार खंगालते रहे अधिकारी

Updated at : 03 Dec 2017 5:06 AM (IST)
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तीसरे दिन भी जिला दवा भंडार खंगालते रहे अधिकारी

हड़कंप. सदर अस्पताल के दो और दवा भंडार में भी चलेगा ऑपरेशन जिला दवा भंडार की एक-एक दवाइयों का मिलान कर रही टीम एसडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम कर रही दवा भंडार की जांच खगड़िया : जिला दवा भंडार की जांच तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही. डीएम के निर्देश पर एसडीओ […]

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हड़कंप. सदर अस्पताल के दो और दवा भंडार में भी चलेगा ऑपरेशन

जिला दवा भंडार की एक-एक दवाइयों का मिलान कर रही टीम
एसडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम कर रही दवा भंडार की जांच
खगड़िया : जिला दवा भंडार की जांच तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही. डीएम के निर्देश पर एसडीओ मनेश कुमार मीणा के नेतृत्व में टीम ने दवा भंडार के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. बताया जाता है कि जिला दवा भंडार की जांच पूरी कर ली गयी है. लेकिन अभी सदर अस्पताल परिसर स्थित दो और दवा भंडार की जांच बाकी है. संभवत: अगले कुछ दिनों तक जांच जारी रहे. इन सारे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सिर्फ दवा भंडार की ही जांच क्यों? सूत्रों की मानें तो डीएम ने स्वास्थ्य विभाग से वर्ष 2016-17 व 17 -18 में खरीदी गयी दवाई का ब्योरा तलब किया है.
जिसमें दवा का नाम, दाम, क्रय का विवरण आदि की जानकारी शामिल है. ऐसे में सवाल उठता है कि करोड़ों की दवा के साथ-साथ उपस्कर खरीद में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है. तो दवा के साथ मेडिकल उपस्कर का ब्योरा क्यों नहीं मांगा गया? इधर, डीएम के निर्देश पर जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे चर्चा का बाजार गरम होता जा रहा है. साथ ही गड़बड़ी में शामिल बाबुओं की सांसें भी फूलने लगी है.
डीएचएस के गोदाम में छुपे हैं राज
बताया जाता है कि सीएस कार्यालय से सटे जिला स्वास्थ्य समिति के गोदाम की जांच हो तो कई राज बाहर आ सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बिना टेंडर के ही लाखों के उपस्कर खरीद में धांधली सहित अन्य गड़बड़ी पर परदा डालने का कच्चा चिठ्ठा डीएचएस के इस गोदाम में मौजूद है. ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिये कि तीन दवा भंडारों के साथ उपस्कर की खोज-खबर लिया जाये. बताया जाता है कि बीते वित्तीय वर्ष में बिना टेंडर के ही मनपसंद आपूर्तिकर्ता से लाखों रुपये के मेडिकल उपस्कर की खरीदारी कर ली गयी है. घटिया उपस्कर की आपूर्ति में बड़े पैमाने पर कमीशन के खेल से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ खरीदारी का दावा करते हुए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इंकार किया है. बता दें कि डीएम जय सिंह ने जिला दवा भंडार के भौतिक सत्यापन सहित जांच के लिये एसडीओ मनेश कुमार मीणा के नेतृत्व में कार्यपालक दंडाधिकारी राजीव रंजन व लिपिक अनिल कुमार टीम से लैस टीम का गठन किया गया है. एसडीओ श्री मीणा के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को भी दवा भंडार कक्ष पहुंच कर घंटों फाइल से लेकर दवाओं को खंगाला गया.
एक केंद्रीय दवा भंडार कक्ष की जांच की रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी है. सदर अस्पताल परिसर स्थित दो और दवा भंडार कक्ष की जांच अभी बाकी है. वर्ष 2016 -17 व 17-18 में दवा खरीद का पूरा ब्योरा स्वास्थ्य विभाग से मांगा गया है. जांच में गड़बड़ी पाये जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा.
जय सिंह, डीएम.
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