सात वर्ष के बाद पहली बार विवि प्रोस्पेक्टस तैयारी को पूर्णिया विश्वविद्यालय ने की पहल

Updated at : 10 Jun 2025 8:02 PM (IST)
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सात वर्ष के बाद पहली बार विवि प्रोस्पेक्टस तैयारी को पूर्णिया विश्वविद्यालय ने की पहल

पूर्णिया विवि स्थापना के सात वर्ष बीतने के बाद पहली बार विवि स्तर से प्रोस्पेक्टस तैयार करने को लेकर एक साकारात्मक पहल की गयी. यह पूर्णिया विवि के नये कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह के पहल पर हो रहा है. ऐसा कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.

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निर्देशिका को लेकर अलग-अलग महाविद्यालय से प्रोफेसर को दी गई जिम्मेवारी नौ सदस्ययी टीम का किया गया गठन, डीएस कॉलेज से सुमित व भरत को किया गया शामिल कटिहार.पूर्णिया विवि स्थापना के सात वर्ष बीतने के बाद पहली बार विवि स्तर से प्रोस्पेक्टस तैयार करने को लेकर एक साकारात्मक पहल की गयी. यह पूर्णिया विवि के नये कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह के पहल पर हो रहा है. ऐसा कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. हालांकि सात वर्षों से छात्रों के द्वारा प्रोस्पेक्टस मद में ली गयी राशि को लेकर कई छात्र संगठन द्वारा सवाल खड़ा किया जा रहा है. अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विक्रांत सिंह, रवि सिंह, राजा यादव समेत अन्य का मानना है कि प्रतिवर्ष अंडर यूजी में करीब तीस हजार छात्र- छात्राओं का नामांकन होता है. छात्रों से प्रोस्पेक्टस के मद में अब तक करीब दो से ढाई करोड़ रूपये लिये गये हैं. उक्त राशि किस मद में खर्च की जा रही है. इसको लेकर नये कुलपति से अंकेक्षण कराने की जरूरत पर भी बल दिया है. नियमत: महाविद्यालयों में प्रोस्पेक्टस के साथ फॉर्म दिया जाता था. आवेदन के बाद नामांकन को चयन किया जाता था. चयन सूची बनने के आधार पर नामांकन ली जाती थी. पूर्णिया विवि स्थापना के बाद यह वयवस्था बंद है. ऐसा इसलिए कि सारा कार्य ऑनलाइन होने लगा है. उनलोगाें की माने तो पहली बार निदेशिका तैयार करने को लेकर अलग-अलग महाविद्यालय व विवि से पदाधिकारी व शिक्षकों को लेकर नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. छात्रों के लिए एक अच्छी पहल है. निदेशिका के तैयार होने पर कम से कम नये नये छात्रों को अपने कॉलेज, विभाग व कॉलेज की उपलब्धियों से लेकर वर्ग शिक्षकों की पहचान उक्त निदेशिका के माध्यम से मिल पायेगा. पिछले करीब सात वर्ष में भले ही विवि स्तर पर ऑनलाइन नामांकन आवेदन व्यवस्था केन्द्रीकृत है. प्रोस्पेक्टस शुल्क के रूप में आवेदन के साथ एक सौ रूपये छात्रों से वसूली कर ली जा रही है. लेकिन निदेशिका नहीं दिये जाने की वजह से छात्र अपने कॉलेज व शिक्षकों के बारे में जानते तक नहीं है. इन लोगों को निदेशिका तैयार करने के लिए टीम में किया गया शामिल छह जून 2025 को कुलपति के आदेश पर कुलसचिव डाॅ अनंत प्रसाद गुप्ता द्वारा एक पत्र जारी किया गया है. जिसमें विवि पोस्पेक्टस, इनफोरमेंशन ब्राउचर फोर अंडरग्रेजुएट कोर्स नामांकन 2025 तैयार करने के लिए नौ सदस्यों को टीम में शामिल किया गया है. स्टूडेंटर वेलफेयर, डीन प्रो मरगूब आलम, एचओडी पीजी विभाग, होमसाइंस प्रो तुहीना विजय, पूर्णिया महिला कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के एसोसिएट डॉ उषाशरण, असिस्टेंट रजिस्टार एकेडमिक डॉ नवनीत कुमार, असिस्टेंट रजिस्टार भीसीओ डॉ मोहन कसुला, डीएस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रो डॉ सुमित सिंघा, डिप्टी रजिस्टार रजिस्ट्रेशन डॉ पिनाकी रंजन दास, बजट एकाउंटेंट एंड पेंशन ऑफिसर सुनील कुमार और पीजी विभाग के डॉ भरत मेहर को शामिल किया गया है.

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