बारसोई की जीवनरेखा बनी नहर पर अतिक्रमण का शिकंजा
Published by : RAJKISHOR K Updated At : 03 Jun 2026 5:36 PM
बारसोई की जीवनरेखा बनी नहर पर अतिक्रमण का शिकंजा
– बरसात में बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा – जल निकासी का मुख्य स्रोत सिमटता जा रहा, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल बारसोई बारसोई नगर क्षेत्र के बीचो बीच होकर गुजरने वाली नहर का अस्तित्व आज गंभीर संकट में पड़ गया है. कभी पूरे नगर की जल निकासी की प्रमुख धारा रही यह नहर अब अतिक्रमणकारियों के कब्जे में सिमटती जा रही है. नहर के दोनों किनारों पर पहले कच्चे और बाद में पक्के मकानों का निर्माण कर धीरे-धीरे इसकी चौड़ाई को कम कर दिया गया है. कई स्थानों पर लोगों ने अवैध बंदोबस्ती कर भूमि पर अपना दावा भी जताना शुरू कर दिया है. यह नहर बारसोई बाजार, रेलवे स्टेशन, गुमटी क्षेत्र, भागबारसोई, मौलानापुर, रास चौक सहित आसपास के बड़े इलाके के वर्षा जल की निकासी का मुख्य स्रोत है. आगे चलकर यह नहर महानंदा नदी में मिलती है. थोड़ी बारिश में हो जाता है जलजमाव बरसात के दिनों में अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता था. लेकिन वर्षों से बढ़ते अतिक्रमण और सफाई के अभाव ने इसकी जल वहन क्षमता को काफी कम कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले बारसोई नगर पंचायत क्षेत्र में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनती थी लेकिन अब थोड़ी अधिक बारिश होते ही कई मोहल्लों में पानी भरने लगता है. विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि नहर की मूल चौड़ाई और प्रवाह को बहाल नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में बारसोई को गंभीर जलजमाव और बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि सार्वजनिक जल निकासी की इस महत्वपूर्ण संपत्ति पर लगातार अतिक्रमण होने के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है, न तो अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस अभियान चलाया जा रहा है और न ही नहर की नियमित सफाई की व्यवस्था की जा रही है. परिणामस्वरूप शहर की प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई है. स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने प्रशासन से अविलंब नहर की सरकारी जमीन की मापी कराने, सभी अवैध अतिक्रमणों को हटाने तथा व्यापक सफाई अभियान चलाकर नहर को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बारसोई की आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.
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