रांची के बूटी मोड़ में 150 दुकानदारों को मिलेगा स्थायी ठिकाना, 86 लाख से बनेगा वेंडिंग जोन

बूटी मोड़ में कुछ इस तरह का बन सकता है वेंडिंग जोन. एआई जेनरेटेड फोटो.
Ranchi News: रांची नगर निगम बूटी मोड़ में 86 लाख रुपये की लागत से वेंडिंग जोन बनाएगा. इससे 150 फुटपाथ और सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को स्थायी दुकानें मिलेंगी. परियोजना में पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
रांची से उत्तम महतो की रिपोर्ट
Ranchi News: रांची नगर निगम ने शहर के बूटी मोड़ क्षेत्र में सड़क किनारे और फुटपाथ पर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के लिए बड़ी पहल की है. निगम यहां लगभग 86 लाख रुपये की लागत से आधुनिक वेंडिंग जोन का निर्माण कराएगा. इस परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 150 दुकानदारों को स्थायी रूप से दुकान आवंटित की जाएगी. इससे न केवल दुकानदारों को सुरक्षित और व्यवस्थित व्यापारिक स्थान मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में यातायात और अतिक्रमण की समस्या में भी कमी आएगी.
वेंडिंग जोन निर्माण के लिए निकाला गया टेंडर
वेंडिंग जोन के निर्माण को लेकर नगर निगम ने बुधवार को टेंडर जारी कर दिया है. इच्छुक संवेदक 18 जून तक टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे. निगम की ओर से 19 जून को टेंडर का निष्पादन और अंतिम चयन किया जाएगा. जिस एजेंसी या संवेदक को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मिलेगी, उसे छह महीने के भीतर पूरे वेंडिंग जोन का निर्माण कार्य पूरा करना होगा. नगर निगम का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा कर दुकानदारों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा वेंडिंग जोन
नगर निगम द्वारा तैयार किए जा रहे इस शेडनुमा वेंडिंग जोन में दुकानदारों और ग्राहकों दोनों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है. यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा व्यवस्थित दुकानें होने से ग्राहकों को खरीदारी करने में आसानी होगी और दुकानदारों को भी मौसम की मार से राहत मिलेगी. निगम का मानना है कि इस तरह की सुविधा से छोटे व्यापारियों की आय और कार्यक्षमता दोनों में सुधार होगा.
150 दुकानदारों को मिलेगा स्थायी व्यवसायिक स्थल
वर्तमान में बूटी मोड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानदार सड़क किनारे और फुटपाथों पर अपनी दुकानें लगाकर जीविकोपार्जन कर रहे हैं. वेंडिंग जोन बनने के बाद ऐसे 150 दुकानदारों को नियमानुसार दुकानें आवंटित की जाएंगी. स्थायी दुकान मिलने से उन्हें बार-बार हटाए जाने या अतिक्रमण विरोधी अभियान की चिंता से मुक्ति मिलेगी. साथ ही उनका व्यवसाय अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण में संचालित हो सकेगा.
दो माह पहले हटाया गया था अतिक्रमण
जिस भूखंड पर वेंडिंग जोन का निर्माण किया जाना है, उसे नगर निगम ने करीब दो माह पहले अतिक्रमण मुक्त कराया था. उस समय अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने विरोध भी जताया था. हालांकि, नगर निगम अधिकारियों ने दुकानदारों को आश्वस्त किया था कि उसी स्थान पर बेहतर सुविधाओं के साथ वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा और पात्र दुकानदारों को वहां दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी. अब निगम ने अपने वादे को अमल में लाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया है.
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शहर में व्यवस्थित व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
नगर निगम का मानना है कि वेंडिंग जोन बनने से बूटी मोड़ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या कम होगी. वहीं छोटे व्यापारियों को सम्मानजनक और सुरक्षित व्यापारिक माहौल मिलेगा. इस परियोजना को शहरी विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. स्थानीय दुकानदारों को उम्मीद है कि वेंडिंग जोन बनने के बाद उनका कारोबार और अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगा तथा ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
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By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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