ePaper

राजवाड़ा के बम काली मंदिर की दूर-दूर तक फैली है प्रसिद्धि

Updated at : 17 Oct 2024 10:49 PM (IST)
विज्ञापन
Electoral Roll Revision

कालीपूजा पर दूर-दूर से पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं श्रद्धालु

विज्ञापन

कोढ़ा. प्रखंड क्षेत्र के राजवाड़ा पंचायत स्थित मां बमकाली मंदिर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को लेकर इस क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है. बमकाली मंदिर के प्रसिद्धि बहुत दूर-दूर तक फैली हुई है. यह मंदिर न केवल अपनी अलौकिक व चमत्कारिक शक्ति के लिए जाना जाता है. बल्कि मंदिर की अलौकिक शक्ति को लेकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों समेत सीमांचल के साथ-साथ पड़ोसी राज्य बंगाल से श्रद्धालु पहुंचकर बमकाली की पूजा-अर्चना करते हैं. अपने मनोवांछित कामनाएं करते हैं. हसनगंज-पलटनिया मुख्य मार्ग पर रेलवे गेट संख्या सात के समीप मनोकामना पूर्ण के रूप में प्रसिद्ध मां बम काली मंदिर में कालीपूजा के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. लोगों में यह विश्वास है कि इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी मुराद माता पूरा करती है. दीपावली के दिन धूमधाम के साथ इस मंदिर में पूजा अर्चना किया जाता है.

करीब 130 साल पुरानी है मंदिर

राजवाड़ा का यह बम काली मंदिर करीब 130 वर्ष पुरानी है. जानकार बताते हैं कि यह बम काली मंदिर अंग्रेजों के जमाने से पूर्व से है. तब से लेकर आज तक बमकाली माता की पूजा अर्चना की जाती रही है. पहले मिट्टी के चबूतरे पर सिरिस पेड़ के नीचे श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना की जाती थी. सिरिस पेड़ के सूखने पर उसी स्थान पर पीपल का पौधा उग आया है. लेकिन अब पूजा कमेटी के सदस्यों के द्वारा इस स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया गया है. साथ ही मंदिर प्रांगण में ही छठ घाठ भी बनाया गया है. इतना ही नहीं मंदिर के प्रांगण में ही दो सामुदायिक भवन और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए शेड का निर्माण भी कराया गया है. ताकि पूजा अर्चना करने आये श्रद्धालुओं किसी प्रकार का कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.

प्रतिमा की नहीं, पेड़ की होती है पूजा

मान्यता है कि यहां मां जागृत रूप में है. इसी पेड़ पर माता का निवास है. इसलिए यहां प्रतिमा की स्थापना नहीं की जाती है और श्रद्धालु उक्त पेड़ की ही पूजा-अर्चना करते हैं. जानकार बताते हैं कि पूर्व में मंदिर का निर्माण राजवाड़ा पंचायत के पूर्व मुखिया सह अधिवक्ता सुरेश कुमार राय द्वारा कराया गया है. पूजा अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार का कठिनाई न हो इसका पूजा कमेटी के द्वारा विशेष ध्यान रखा जाता है.

कहते हैं पूजा कमेटी के सदस्य

राजवाड़ा के बम काली मंदिर को लेकर मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि काफी पूर्व से यहां बमकाली माता की पूजा-अर्चना की जा रही है. बताया कि काली पूजा के दिन विशेष निशा पूजा का आयोजन किया जाता है. काली पूजा के अवसर पर पूजा-अर्चना को लेकर अभी से ही पूजा कमेटी द्वारा तैयारी शुरू कर दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन