पुलवामा कनेक्शन पर कटिहार में NIA की ताबड़तोड़ रेड, इकबाल और मुतालिब गिरफ्तार, आतंकी कनेक्शन की आशंका

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 08 Sep 2025 9:29 PM

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छापेमारी करने पहुंची एनआइए की टीम

NIA Raid in Bihar: कटिहार जिले में सोमवार को एनआईए की टीम ने पुलवामा हमले और पाकिस्तान कनेक्शन की जांच को लेकर बड़ी कार्रवाई की. सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन और आसपास के गांवों में सात घंटे तक छापेमारी चली. इस दौरान इकबाल और गुजरात से मुतालिब को हिरासत में लिया गया.

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NIA Raid in Bihar: देशभर में एनआईए की छापेमारी को लेकर पुलवामा व पाकिस्तान कनेक्शन की चर्चा अब सामने आ रही है. कटिहार जिला के बरारी प्रखंड के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन व दुर्गापुर के पांच घरों में एनआइए की रेड सोमवार को सुबह से दोपहर तक जारी रही. छापेमारी मुबारक, नूर, हाशिम, निजाम और इकबाल के घर में की गयी.

छापेमारी के दौरान सुखासन निवासी इकबाल को एनआईए की टीम गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर चली गयी. छापेमारी के बाद एक बड़ी चर्चा स्थानीय स्तर पर सामने आयी कि गांव के ही युवक अखलाक जो चेन्नई में मजदूरी करता था पुलवामा अटैक के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जो चेन्नई जेल में बंद है.

क्या बोले गांव से लोग

इस बीच कटिहार के सेमापुर थाना क्षेत्र के अखलाक के गांव के ही लोग जिसमें मुबारक, नूर आलम, हासिम, निजाम व इकबाल उसके संपर्क में थे. इसी कारण से इन लोगों के घरों में छापेमारी की गयी. गांव के पूर्व मुखिया मुजीबुर रहमान ने एनआईए रेड में दूसरी गिरफ्तारी की पुष्टि की है. मुतालिब को गुजरात के सूरत से एनआईए की टीम ने गिरफ्तार किया. सूरत से गिरफ्तार मुतालिब बरारी सेमापुर थाना क्षेत्र के बालूघाट का मूल रूप से निवासी है. मुतालिब के घर के लोगों को नोटिस देकर एनआईए ने गिरफ्तारी की पुष्टि की.

मुतालिब के भाई इसराफिल ने बताया कि एनआईए की टीम सुबह से कई घंटे तक उनके घर में छापेमारी की. जांच के दौरान उनके घर से कोई चीज या दस्तावेज तो एनआईए की टीम ने अपने साथ नहीं लेकर गयी है पर गुजरात के सूरत में कपड़ा कढ़ाई का काम करने वाले उनके भाई मुतालिब को गुजरात के सूरत से ही आधिकारिक रूप से गिरफ्तार करने का एक नोटिस घर के लोग को दिया है. इसराफिल ने कहा, भाई पिछले दो सालों से गुजरात के सूरत में काम करता है. दो महीना पहले भी वो कटिहार आया था. अब उसकी गिरफ्तारी एनआईए के द्वारा क्यों की गई है. इसकी जानकारी नहीं है.

नूर आलम ने बताया कि हम तो किसान हैं. छापेमारी में क्यों घर में घुसी टीम पता नहीं. पुराना मोबाइल एवं सीम टीम साथ ले गयी. हमलोग का कोई लेना देना नहीं है. एनआईए की रेड के दौरान सेमापुर थानाध्यक्ष सहित भारी संख्या में पुलिस बल क्षेत्र में मौजूद रही. क्षेत्र में करीब सात घंटे की रेड से खलबली मची रही. रेड की सूचना में गांव सहित आसपास के लोग बड़ी संख्या में दूर से ही पता लगाने की कोशिश करते रहे. इस बीच कई तरह की चर्चा हो रही है.

पहले भी रहा है कटिहार के कुछ लोगों का आतंकी कनेक्शन

पुलवामा अटैक का कटिहार कनेक्शन को लेकर जिले में एक बार फिर सनसनी फैल गयी. स्थानीय लोगों ने सपने में भी यह कयास नहीं लगाए थे कि पुलवामा जैसी घटना का तार कटिहार जैसे जिले से जुड़ा हो सकता है. एक साथ 40 जवानों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था. उस हृदय विदारक घटना का कटिहार कनेक्शन की बात सामने आते ही चर्चाएं की बाजार गर्म हो गई है.

कटिहार के लोग इस बात से सकते में है. क्या सही में पुलवामा अटैक में इकबाल की कोई भूमिका है या फिर संदेह. लेकिन लोगों की माने तो संदेह के आधार पर इतनी बड़ी छापेमारी नहीं हो सकती है. एनआईए को कुछ ना कुछ इनपुट मिली है. जिस आधार पर सुखासन में छापेमारी की गई है.

सोमवार को एनआईए की टीम बरारी के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन में ताबड़तोड़ आधा दर्जन घरों में छापेमारी की. भारी संख्या में सुरक्षा बल एवं अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी के साथ एनआईए की टीम सुखासन गांव में अचानक दबिश दी. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सुखासन के रहने वाले इकबाल को एनआईए की टीम ने उनके ही घर से हिरासत में लिया है. यही नहीं एनआई ए ने इकबाल के घरवालों को एक लिखित नोटिस भी थमाया है. इस बात की पुष्टि आरोपित के भाई ने की है.

उसने कहा कि टीम सर्च वारंट के आधार पर घर में छापेमारी कर रही थी और उसके बाद इकबाल को अपने साथ ले गयी. गांव वालों का कहना है कि सिर्फ इकबाल ही नहीं, बल्कि करीब आधा दर्जन घरों में छापेमारी की है. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरा इलाका दहशत में है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं.

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सुखासन शेरशाह बादी एवं बांग्ला भाषी बाहुल्य इलाका

बरारी थाना क्षेत्र का सुखासन शेरशाह वादी बाहुल्य इलाका है. यहां के अधिकांश लोग बांग्ला भाषी है. सुखासन का यह इलाका कोसी के तराई क्षेत्र में फैला हुआ है. यह इलाका बरारी प्रखंड को सीधे तौर पर कटिहार मुख्यालय से जोड़ती है. इस इलाके में एनआईए की छापेमारी व एक को हिरासत में लेकर जाने की बात से लोग एक और अचंभित है तो दूसरी ओर सकते में है.

वर्धमान सिलेंडर विस्फोट का रहा कनेक्शन कटिहार से

पश्चिम बंगाल के वर्धमान में हुए सिलेंडर विस्फोट की घटना में जमात ए मुजाहिदीन का कनेक्शन सामने आया था. इस दौरान बिहार व झारखंड का तार जुड़ा मिला था. एनआईए की टीम ने 140 लोगों की सूची जारी की थी, जिसमें अमदाबाद थाना तिलोकिदार निवासी अमीनुल हुसैन पिता अंसार हुसैन का नाम भी इस सूची में जारी था. जिसका सीधा कनेक्शन वर्धमान सिलेंडर विस्फोट वाली घटना से जुड़ा था. जिसमें एनआईए ने छापेमारी की थी.

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क्षेत्र में रहा है आतंकी कनेक्शन

लश्कर ए तैयबा के आतंकी टुंडा की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में सीमांचल के कटिहार सहित कई जिलों में आतंकी कनेक्शन सामने आया था. जिसे लेकर एनआईए की टीम ने कदवा से वसीरूद्दीन को हिरासत में लिया था. कटिहार से सटे किशनगंज आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया था. जबकि जिले के बलरामपुर थाना क्षेत्र से सटे करण डिग्घी से अलाउद्दीन को तथा मालदा से आतंकी इस्तेखार शेख एवं अबू बकर की गिरफ्तारी की थी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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