सरकारी चावल से लदे पिकअप को किया गया जब्त, एक गिरफ्तार

प्रखंड के कोलासी ओपी क्षेत्र में सोमवार की रात पुलिस ने गश्ती के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कालाबाजारी के इरादे से ले जाये जा रहे सरकारी चावल से लदे वाहन को जब्त किया है.
कोढ़ा. प्रखंड के कोलासी ओपी क्षेत्र में सोमवार की रात पुलिस ने गश्ती के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कालाबाजारी के इरादे से ले जाये जा रहे सरकारी चावल से लदे वाहन को जब्त किया है. इस वाहन में 70 बोरी यानी करीब 30 क्विंटल फोर्टीफाइड उसना चावल भरा हुआ था. जिसे अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी. इस संबंध में कोलासी ओपी प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई देर रात करीब 10 बजे कोलासी-मधुरा सड़क मार्ग पर की गयी. गश्ती के दौरान एक संदिग्ध चार पहिया पिकअप वाहन को रोका गया. तलाशी लेने पर उसमें सरकारी योजना के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाला चावल पाया गया. मामले की सूचना तत्काल प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, कोढ़ा अमित कुमार सिंह को दी गयी. वे मौके पर पहुंचे और जांच के बाद पुष्टि की कि यह चावल सरकारी योजना का पोषक फोर्टीफाइड राइस है. जिसे बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था. दो लोगों के खिलाफ एफआइआर, एक गिरफ्तार पूछताछ में वाहन चालक परवेज आलम ने स्वीकार किया कि यह चावल वह मनोज कुमार नामक व्यक्ति के निर्देश पर कोढ़ा के मालबाड़ी स्थित एक राइस मिल तक पहुंचा रहा था. इसके आधार पर आपूर्ति पदाधिकारी ने कोलासी ओपी में परवेज आलम और मनोज कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी है. चालक परवेज आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. मनोज कुमार की तलाश जारी है. थाना में सुरक्षित रखा गया चावल, जांच जारी जब्त किये गये चावल को फिलहाल कोलासी ओपी परिसर में सुरक्षित रखा गया है. पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह चावल कहां से लाया गया और कितने लोगों की मिलीभगत से इसे बाजार में बेचने की योजना बनाई जा रही थी. स्थानीय लोगों में आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच की मांग घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है कि गरीबों के लिए निर्धारित सरकारी खाद्यान्न आखिर कैसे खुलेआम बाजार में बेचा जा रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. ताकि दोषियों को सख्त सजा मिले और भविष्य में इस तरह की कालाबाजारी पर अंकुश लग सके.
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