कटिहार मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क (अवशेष) योजना अंतर्गत कटिहार शहर के रामपाड़ा-बैगना होते हुए वाया मधेपुरा- बठैली- कदवा- बारसोई सड़क के खानाधार पर इन दिनों पुल निर्माण का कार्य चल रहा है. ग्रामीण कार्य प्रमंडल कटिहार अंतर्गत इस पुल निर्माण शुरू होने से करीब एक माह हो चुका है. पर अब तक डायवर्सन का निर्माण नहीं किया है. डायवर्सन का निर्माण नहीं होने से लोगों को आने-जाने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है. छोटे बड़े वाहनों के साथ-साथ पैदल भी चलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है. आये दिन कोई न कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है. आमतौर पर यह माना जाता है कि किसी भी छोटे बड़े पुल निर्माण से पहले डायवर्सन का निर्माण कराया जाता है. ताकि लोगों को आवाजाही में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. पर खानाधार पुल के साथ ऐसा नहीं हुआ है. स्थानीय लोगों ने बताया कि खानाधार पुल के ध्वस्त होने के करीब आठ साल बाद बड़े ही तामझाम के साथ पुल निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया. पर लोगों का सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया. इन दोनों बारिश का मौसम है. ऐसे मौसम में डायवर्सन नहीं होने की वजह से लोगों को और भी परेशानी बढ़ गयी है. लोगों ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द डायवर्सन के निर्माण करने की दिशा में पहल होनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि संबंधित सड़क के खानाधार में 1999 में सांसद कोष से निर्मित खानाधार पुल वर्ष 2017 में आयी प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान पुल और सड़कें पुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी थी. बाढ़ में खानाधार पुल क्षतिग्रस्त होकर गिर जाने से डंडखोरा और कटिहार प्रखंड दो भागों में बंट गया है. पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने से सात वर्ष से आवागमन अवरुद्ध है.कई गांवों के लोग प्रभावित है. ग्रामीणों को आधा किलोमीटर की दुरी तय करने में पांच से 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. काफी संघर्ष व मशक्कत के बाद फिर से राज्य सरकार ने पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू की है. लोगों ने कहा कि पुल निर्माण शुरू होने से खुशी है. पर डायवर्सन नहीं बनने से परेशानी हो रही है.
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