Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों जनसुराज नेता आरसीपी सिंह के जेडीयू में वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस बीच पटना में जेडीयू ऑफिस के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसने सियासी पारा और भी चढ़ा दिया. दही-चूड़ा भोज के दौरान भी जेडीयू नेता के साथ-साथ आरसीपी सिंह ने खुद भी जेडीयू में शामिल होने को लेकर बड़ा बयान दिया था.
पोस्टर में क्या कुछ लिखा?
जेडीयू ऑफिस के बाहर लगे पोस्टर में सीएम नीतीश के साथ उनके बेटे निशांत कुमार की तस्वीर है. इसके साथ ही निशांत के बगल में आरसीपी सिंह की तस्वीर लगाई गई है. पोस्टर में लिखा गया, ‘जेडीयू परिवार में वरिष्ठ नेता आरसीपी सिंह और बड़े भाई इंजीनियर निशांत कुमार जी का हार्दिक स्वागत है.’ इस पोस्टर के सामने आने के बाद आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी तय मानी जा रही है. लेकिन अब तक कोई औपचारिक एलान नहीं किया गया है. इसके साथ ही निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री को लेकर फिर कयास लगाए जा रहे हैं.
दही-चूड़ा भोज के दौरान जेडीयू नेता का बयान
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर दही-चूड़ा भोज में जेडीयू विधायक श्याम रजक पहुंचे थे. इस दौरान आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी को लेकर सवाल किया गया था. जिस पर उन्होंने कहा था, वो अलग थे ही कब. अगर वे जेडीयू में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है. वे आएं. इस तरह श्याम रजक के बयान के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे.
आरसीपी सिंह ने क्या कहा था?
इससे पहले आरसीपी सिंह ने खुद ही बड़ा बयान सीएम नीतीश कुमार के साथ रिश्ते को लेकर दिया था. आरसीपी सिंह ने सीएम नीतीश के साथ रिश्ते को लेकर कहा था, ‘हम दोनों तो एक ही हैं. हम उनके साथ 25 सालों तक रहे हैं. जितना हम उन्हें जानते हैं और वे मुझे जानते हैं, उतना कोई नहीं जानता. साथ ही जेडीयू में वापस आने पर कहा था, ये तो आपको पता चल जाएगा.’
बिहार की सियासत में आरसीपी सिंह का सफर
आरसीपी सिंह मूल रूप से नालंदा जिले के रहने वाले हैं. राजनीति में आने से पहले वे आईएएस अधिकारी भी रह चुके हैं. आरसीपी सिंह 2005 से 2010 तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव रहे. इस दौरान बिहार की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ हुई. एक समय यह भी आया कि आरसीपी सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए. इसके अलावा मोदी कैबिनेट में इस्पात मंत्री भी बनाए गए. लेकिन धीरे-धीरे आरसीपी सिंह और सीएम नीतीश कुमार के रिश्ते में खटास आने लगी.
जानकारी के मुताबिक, जेडीयू को तोड़ने और बीजेपी से नजदीकी बढ़ाने का उन पर आरोप लगा. इसके बाद जेडीयू से इस्तीफा देकर वे बीजेपी में शामिल हो गए. लेकिन 2024 में नीतीश कुमार की पार्टी एनडीए का हिस्सा बन गई. जिसके बाद आरसीपी सिंह ने एनडीए से किनारा किया. इसके बाद बीजेपी से अलग होकर उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ बनाई.
इसके बाद आरसीपी सिंह ने 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ज्वाइन की. लेकिन विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी खाता तक नहीं खोल सकी. ऐसे में अब राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि जेडीयू में उनकी वापसी हो सकती है.

