ePaper

जिन्हें करना था अप्लाई नहीं कर सकें, दूसरे कॉलेज ने ले ली एआइसीटीई से मान्यता

Updated at : 23 Jun 2024 11:49 PM (IST)
विज्ञापन
Electoral Roll Revision

बीसीए व बीबीए के लिए जरूरी है कंप्यूटर लैब, एमजेएम में सरजमीन पर कंप्यूटर लैब नदारत

विज्ञापन

कटिहार. पारम्पारिक कोर्स की मान्यता प्रदान करने का अधिकार राज्य सरकार को है. बीबीए व बीसीए एक तकनीकी कोर्स है. इसलिए इसमें एआईसीटीई दिल्ली की मान्यता मान्य है. अब तक राज्य के विवि अंतर्गत अंगीभूत व सम्बद्ध महाविद्यालयों में संचालित बीसीए व बीबीए राज्य सरकार के मान्यता के आधार पर चल रही थी. यूजीसी के संज्ञान में आने पर सभी विवि व उनके अंतर्गत संचालित बीबीए व बीसीए संचालित सम्बद्ध एवं अंगीभूत महाविद्यालयों को एआईसीटीई से मान्यता लेने का निर्देश दिया गया. मान्यता नहीं रहने पर कोर्स में नामाकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था. बीबीए और बीसीए तकनीकी डिग्री रहने के कारण एआईसीटीई की मान्यता को अनिवार्य बताया गया. इस आलोक में पूर्व से जहां बीबीए बीसीए कोर्स संचालित हो रहे थे. उन्हें विवि से निर्देश दिया गया था कि कोर्स को संचालन के लिए अविलंब एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त कर लें. जिसके बाद से पीयू के कई सम्बंद्ध व अंगीभूत महाविद्यालय प्रधान एआईसीटीई के पोर्टल पर अप्लाई कर मान्यता के लिए आवेदन किया गया. एआईसीटीई दिल्ली की ओर से विशेष सुविधा के तहत पूर्व से संचालित कोर्स को बीस हजार रूपये का शुल्क जमा कर दो वषों के लिए मान्यता देने की व्यवस्था की गयी. केबी झा कॉलेज में पूर्व से बीबीए व बीसीए कोर्स चलने के बावजूद निष्कीयता के कारण अप्लाई नहीं किया जा सका. संचालित बीबीए व बीसीए कोर्स में नामांकन के लिए अब ग्रहण लग गया. दूसरी ओर एमजेएम महिला कॉलेज द्वारा इसके लिए एआईसीटीई को धोखे में रखकर अप्लाई ही नहीं की गयी. बल्कि ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एआईसीटीई से 21 जून को मान्यता भी ले ली गयी. ज्ञात हो कि इस महाविद्यालय में पूर्व से यह दोनों कोर्स का संचालन नहीं होता आया है. मान्यता के बाद शिक्षाविदों के बीच कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. कई शिक्षविदों में जहां मान्यता मिलने से हर्षित है तो कई का कहना है कि जहां पूर्व से वोकेशनल कोर्स संचालित नहीं हो रहे थे. यह स्कीम उनके लिए नहीं था. संसाधनों का अभाव, मान्यता पर उठने लगे सवाल ———————————————————- शिक्षाविदों की माने तो वोकेशनल कोर्स संचालन के लिए उक्त संस्थान में कंप्यूटर लैब का होना नितांत आवश्यक है. इसके लिए पूर्व से क्रय कर संसाधन पूरी की जाती है. उसके बाद विवि स्तर से टीम बनायी जाती है. जिसके आलोक में टीम द्वारा निरीक्षी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाता है कि वैसे संस्थान में वोकेशनल कोर्स संचालित किया जा सकता है या नहीं. एमजेएम महिला कॉलेज के कई शिक्षकों की माने कॉलेज में संसाधनों का अभाव है. वोकेशनल कोर्स के लिए न ही रूम है न ही कंप्यूटर लैब ही है. अब तक विवि द्वारा केवल टीम बनायी गयी है. निरीक्षण के लिए अब तक कोई टीम नहीं आयी है. ऐसे में एआईसीटीई को अप्लाई कर मान्यता ले लिया जाना अवैध है. कहती हैं प्राचार्य ——————- इससे पहले एमजेएम महिला कॉलेज में वोकेशनल कोर्स का संचालन नहीं हो रही थी. पहली बार एमजेएम महिला कॉलेज को एआईसीटीई से बीबीए व बीसीए कोर्स संचालन को मान्यता मिली है. इसके लिए बीस हजार रूपये का शुल्क जमा किया गया था. बीसीए व बीबीए में साठ-साठ सीट पर नामांकन के लिए अनुमति प्रथम फेज में एआईसीटीई से 21 जून को पत्र जारी कर दिया गया है. कॉलेज में कंप्यूटर लैब की व्यवस्था नहीं है, न ही विवि स्तर से किसी तरह की टीम निरीक्षण में आयी है. दूसरे फेज के तहत विवि को लिखा जायेगा. जिसके बाद टीम आयेगी. पीयू को अब तक यह जानकारी नहीं है कि एआईसीटीई से वोकेशनल कोर्स के लिए एमजेएम महिला कॉलेज को मान्यता मिली है. विवि को लिखा जा रहा है विवि का जो आदेश होगा तो चालू किया जायेगा. डॉ दीपाली मंडल, प्राचार्य, एमजेएम महिला कॉलेज, कटिहार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन