कटिहार में मरीं तीन हजार से अधिक मुर्गिया, बर्ड फ्लू की आहट पर पहुंची टीम ने पटना भेजा सेंपल

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 02 Apr 2025 12:57 PM

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सांकेतिक

Bird flu: कटिहार में तीन हजार से अधिक मुर्गियों के मरने से सनसनी फैल गयी है. बर्ड फ्लू की आहट पर पहुंची टीम ने सैंपल एकत्रित कर पटना भेजा. हालांकि अधिकारियों को फिलहाल बर्ड फ्लू का लक्षण नहीं मिला है, लेकिन स्थानीय लोग बर्ड फ्लू का ही संकेत मान रहे है.

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Bird flu: कटिहार के दलन में अचानक हुई करीब तीन हजार से अधिक मुर्गियों की मौत के बाद इलाके के लोगों में दहशत है. एक साथ इतनी सख्या में मुर्गियों की मौत से बर्ड फ्लू की आशंका है. हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से इस बीमारी की पुष्टि नहीं की गयी है. दलन मोहल्ला को मुर्गी पालन के हब जाना जाता है. क्योंकि यहां पर 25 से ज्यादा पॉल्ट्री फार्म हैं. हर फार्म में हजारों की संख्या में मुर्गियां हैं. ऐसे में एक फार्म में तीन हजार मुर्गियों की मौत ने बाकी फार्म संचालकों को भी डरा दिया है.

पॉल्ट्री फॉर्म संचालकों में दहशत

घटना की सूचना पर पहुंची पशुपालन विभाग की टीम ने पॉल्ट्री फॉर्म में मृत मुर्गियों की जांच की. हालांकि टीम के अधिकारियों को प्रारंभिक जांच में बर्ड फ्लू जैसे कोई भी लक्षण मुर्गियों में नहीं मिला. अधिकारियों ने सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए पटना भेज दिया. बतादें कि बिहार में पटना, भागलपुर, जहानाबाद आदि जिलों में बर्ड फ्लू के मामले पहले ही सामने आ चुका है. हालांकि कटिहार में अब तक ऐसा कोई मामला नहीं आया था, लेकिन दलन में इतनी बड़ी तदात में एक साथ मुर्गियों के मर जाने के बाद मुर्गी पालक बर्ड फ्लू की आशंका जता रहे हैं. पॉल्ट्री फॉर्म संचालकों का कहना है कि जिस तरह से मुर्गियों की मौत हुई है, कहीं न कहीं यह बर्ड फ्लू के लक्षण का ही संकेत है.

क्या कहते है जिला पशुपालन पदाधिकारी

कटिहार के जिला पशुपालन पदाधिकारी प्रमोद कुमार मेहता ने कहा कि अब तक बर्ड फ्लू का कोई भी केस सामने नहीं आया है. दलन में एक मुर्गी फॉर्म में मुर्गियों की मौत हुई है. मुर्गियों के मरने की सूचना मिलने पर एक टीम को भेज कर जांच करवाई गई है. मरीं हुई मुर्गियों का सैंपल लेकर पटना भेजा जा रहा है. पटना से रिपोर्ट आने के बाद ही मुर्गियों की मौत का पता चल पाएगा. हालांकि मुर्गियों के मरने का प्रारंभिक लक्षण बर्ड फ्लू का नहीं है. फिलहाल संचालकों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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