परत दर परत निगम में उजागर हो रही धांधली व अनियमितता

परत दर परत निगम में उजागर हो रही धांधली व अनियमितता
– स्थापना काल से विकास के दौर तक भ्रष्टाचार में डूबा है निगम, लगाया आरोप – पार्षद के सशक्त स्थायी कमेटी से इस्तीफे के बाद से निगम में हलचल, निगम प्रशासन मौन – पार्षद को मनाने को कवायद हो रही तेज कटिहार सशक्त स्थायी कमेटी से वार्ड नंबर 21 के पार्षद ज्ञानती देवी के इस्तीफे के बाद नगर निगम में व्याप्त अनियमितता व धांधली परत दर परत उजागर हो रही है. निगम की सरकार बनने के बाद सशक्त स्थायी कमेटी का गठन भले ही कर विकास का दावा किया जा रहा है. जिस उद्देश्य से सशक्त स्थायी कमेटी का गठन किया गया, कार्य नहीं होने के कारण ही उक्त पार्षद ने निगम बोर्ड की सामान्य बैठक के दौरान लिखित इस्तीफा मेयर काे दिया है. साथ ही कहा पार्षद प्रतिनिधि वार्ड नंबर 37 के मनोज कुमार मिश्रा ने तो स्थापना काल से लेकर विकास के दौर तक भ्रष्टाचार में निगम डूबा है तक का आरोप लगा डाला. वार्ड 21 के पार्षद ज्ञानती देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने के बाद निगम पार्षद व प्रशासन में हलचल है. निगम सरकार द्वारा जहां विशेष बैठक कर समझा बुझा लेने का दावा किया जा रहा है. पार्षद प्रतिनिधि मनोज राय का कहना है कि फरवरी 2022 में सशक्त स्थायी कमेटी में वार्ड नम्बर 18 के मोनू प्रताप, पांच के बिट्टू घोष, वार्ड नंबर एक के मुनीलाल उरांव, वार्ड नंबर 13 के दिनेश पांडेय, वार्ड नंबर दस के उमेश पासवान, वार्ड 21 में ज्ञानती देवी एवं वार्ड नंबर 33 के संतोष कुमार को सदस्य बनाया जरूर गया. लेकिन मंत्रिमंडल का बंटवारा हुआ न ही आयोग बनाये गये. इतना ही नहीं किसी प्रकार इन लोगों को जिम्मेवारी तक नहीं दी गयी. केवल हस्ताक्षर के लिए कमेटी गठित किया गया था. इस तरह कहा जाये तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. विकास कार्य से लेकर कई कार्यों में निर्णय लेने का हक सशक्त स्थायी कमेटी का होता है. लेकिन इन लोगों से केवल हस्ताक्षर कराने भर ही जिम्मेवारी दी गयी. उन्होंने कूडा के डस्टबिन क्रय में भी अनियमियतता का आरोप लगाया. बताया कि 240 लीटर हरी ब्लू डस्टबिन बाजार मूल्य से अधिक दामों में क्रय किया गया. सशक्त स्थायी समिति में लिये गये निर्णय उनलोगों की जानकारी नहीं रहती है. लेकिन कार्य आदेश पंजी में लिखा होता है और न इसे बोर्ड से पारित किया गया. इस बोर्ड में मनमाने ढंग से सभी कार्य किये जा रहे हैं. पन्द्रह सौ रूपये प्रति नग बिकने वाली स्ट्रीट लाइट 3860 में करीब 5500 नग लाइट की खरीदारी की गयी. साथ ही टिपर की खरीदारी के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व अग्रिम धनराशि कंपनी को उपलब्ध कराया. लेकिन आज तक टिपर नगर निगम कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ. जेसीबी, सुपर शॉकर कब कितने धनराशि में क्रय किया गया. इसकी जानकारी सशक्त स्थायी समिति के किसी भी सदस्य को ज्ञात नहीं है. एमटीएस, सफाई कमी वार्ड सचिव की नियुक्ति की नहीं है जानकारी वार्ड पार्षद ने नियुक्ति में धांधली का लगाया आरोप ———————————————————— पार्षद ज्ञानती देवी ने निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 2024 में नगर निगम में एमटीएस, सफाई कर्मी तथा वार्ड सचिव की नियुक्ति बड़े पैमाने पर की गयी. जिसकी कोई भी जानकारी किसी को नहीं दी गयी न ही बोर्ड से पारित किया गया. वर्तमान में नगर निगम के छोटे वेतन भोगी वार्ड स्वच्छता मित्रों की नियुक्ति के लिए बोर्ड गठन कर उसकी नियुक्ति की जा रही है. लेकिन बड़े पैमाने वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया. कार्यपालक सहायक नियुक्ति में भी दक्षता का कोई ख्याल नहीं रखा गया. एमटीएस संवर्ग के एक ही संकाय में नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों में चार व्यक्ति को ऐच्छिक वेतन तथा अन्य को उनसे काफी कम वेतन पर भी गंभीरता दिखायी. आरोप के लिए साक्ष्य जरूरी कहती है महापौर ———————- आपस में झंझट होते रहती है. वार्ड नंबर 21 की पार्षद ज्ञानती देवी ने लिखित इस्तीफा दिया है. शीघ्र ही उनके साथ विशेष बैठक आयोजित कर मामले का पटाक्षेप कर लिया जायेगा. आरोप तो काेई भी किसी पर लगा सकता है. इसके लिए साक्ष्य की जरूरत होती है. उषा देवी अग्रवाल, मेयर, नगर निगम, कटिहार
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