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दुर्घटना में चालक की मौत को आपदा की श्रेणी में करें शामिल, परिजनों को आर्थिक सहायता भी मिले

Updated at : 09 Mar 2026 6:20 PM (IST)
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दुर्घटना में चालक की मौत को आपदा की श्रेणी में करें शामिल, परिजनों को आर्थिक सहायता भी मिले

दुर्घटना में चालक की मौत को आपदा की श्रेणी में करें शामिल, परिजनों को आर्थिक सहायता भी मिले

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ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले व्यावसायिक वाहन चालकों ने दिया धरना – दस सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम के माध्यम से सरकार को भेजा कटिहार ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले व्यावसायिक वाहन चालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन के माध्यम से व्यावसायिक वाहन ड्राइवरों की सुरक्षा, सम्मान व सामाजिक सुरक्षा को लेकर जिला पदाधिकारी के माध्यम से सरकार को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा. संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि सड़क पर दिन-रात सेवा देने वाले ड्राइवरों को पर्याप्त सुरक्षा व सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं. इसलिए उनके हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है. चालकों ने कहा की हमारी मांगे है कि सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मौत को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाय. ताकि मृतक के परिजनों को सरकार की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके. इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए विशेष ड्राइवर वेलफेयर फंड की स्थापना की जाय. जिससे जरूरत के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके. दुर्घटना के मामलों में मुआवजे की स्पष्ट व्यवस्था करने की भी मांग की गयी. सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मौत होने पर 20 लाख रुपये, स्थायी अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता दी जाय. घायल ड्राइवरों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय, ड्राइवरों के सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने की भी मांग की गई है. दुर्घटना में मौत की स्थिति में आश्रितों को तत्काल प्रभाव से पेंशन देने की व्यवस्था करने, ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने की भी मांग रखी गयी. ताकि उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके. वाहनों में आगे और पीछे रिकॉर्डिंग के लिए छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने की भी मांग की गयी. उनका कहना है कि इससे सड़क पर होने वाली घटनाओं और विवादों की सही जानकारी मिल सकेगी तथा दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना आसान होगा. इसके साथ ही एक सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग की गई है. ताकि साल में एक दिन ड्राइवरों को सम्मान और अवकाश मिल सके. सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित उपचार के लिए हर सरकारी अस्पताल के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने की मांग, साथ ही ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की आवश्यकता जतायी. ताकि सड़क पर मारपीट या उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके. ड्राइवर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इन मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल करती है तो इससे हजारों ड्राइवरों और उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मान दोनों मिल सकेगा. इस अवसर पर प्रमोद सहनी, मोफिजूल, सनरूल, मनोज राम, अजय यादव, विद्यानंद सिंह, मसरूर आलम, मनजीत सिंह, दिलीप प्रसाद, कुंदन कुमार, अजय कुमार साह, शंभू दास, संतोष कुमार मंडल आदि बड़ी संख्या में चालक उपस्थित थे.

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By RAJKISHOR K

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