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सदर अस्पताल में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मी, मरीज भी परेशान

Updated at : 20 Feb 2026 6:57 PM (IST)
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सदर अस्पताल में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मी, मरीज भी परेशान

सदर अस्पताल में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मी, मरीज भी परेशान

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– नई बिल्डिंग में प्रवेश करते ही मोबाइल नेटवर्क हो जाती है पूरी तरह से ठप – स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे आमलोग कटिहार सदर अस्पताल की नई बिल्डिंग आधुनिक सुविधाओं का प्रतीक बनने के बजाय मरीजों उनके परिजनों व वहां काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मोबाइल नेटवर्क की बड़ी समस्या बन गयी है. अस्पताल में प्रवेश करते ही मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गायब हो जाता है. जिससे मरीजों का अपने परिजनों से संपर्क टूट जाता है. इस परेशानी से न केवल मरीज और उनके परिजन जूझ रहे हैं, बल्कि अस्पताल में कार्यरत चिकित्साकर्मी और अन्य कर्मचारी भी सभी परेशान हैं. दरअसल सदर अस्पताल परिसर में बने दोनों नए भवन 100 बेड का नया भवन और मदर चाइल्ड हॉस्पिटल में किसी भी कंपनी का मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता. जैसे ही कोई मरीज या परिजन इन भवनों में प्रवेश करते है. मोबाइल फोन सिग्नल पकड़ना बंद कर देता है. बाहर निकलने पर ही दोबारा नेटवर्क मिलता है. ऐसे में अस्पताल के अंदर रहते हुए किसी से भी संपर्क साधना लगभग असंभव हो जाता है. सबसे अधिक परेशानी रात के समय देखने को मिलती है. वार्ड में भर्ती मरीजों का कहना है कि रात में अचानक किसी इमरजेंसी की स्थिति उत्पन्न होने पर परिजनों से संपर्क करना जरूरी होता है. लेकिन नेटवर्क न होने के कारण वे कॉल या संदेश नहीं कर पाते. कई बार मरीजों को भवन से बाहर निकलकर फोन करना पड़ता है, जो उनकी स्थिति को देखते हुए जोखिम भरा भी हो सकता है. अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि आज के आधुनिक दौर में मोबाइल एक बुनियादी आवश्यकता बन चुका है. खासकर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर नेटवर्क की उपलब्धता अत्यंत जरूरी है. इमरजेंसी केस, दवाइयों की व्यवस्था, परिजनों को सूचना देने और अन्य जरूरी कामों के लिए मोबाइल का उपयोग अनिवार्य हो जाता है. लेकिन नेटवर्क की कमी इन सभी कार्यों में बाधा बन रही है. नेटवर्क समस्या का असर डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी पड़ रहा स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भाव्या एप्लीकेशन के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है. अस्पताल परिसर में क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं. ताकि मरीज स्वयं अपने मोबाइल से रजिस्ट्रेशन कर सकें. लेकिन नेटवर्क नहीं होने के कारण मरीज इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद भी एप्लीकेशन खुल नहीं पाती या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधूरी रह जाती है. स्वास्थ्य विभाग नहीं उठा रहा ठोस कदम अस्पताल आये मरीज शंभू चौधरी, गायत्री देवी, मुकेश कुमार, अरुण कुमार और संतु चक्रवर्ती सहित कई लोगों ने बताया कि नेटवर्क की समस्या के कारण मरीजों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मांग की कि अस्पताल प्रशासन को तत्काल इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए. ताकि पूरे परिसर में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सके. लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल प्रशासन मोबाइल टावर, इनडोर नेटवर्क सिस्टम या सिग्नल बूस्टर जैसी व्यवस्था करे, तो इस समस्या से राहत मिल सकती है. मरीजों और परिजनों ने कहा कि प्रशासन इसे गंभीरता से ले और और इसका समाधान करें. ताकि अस्पताल में इलाज के दौरान संपर्क बाधित न हो और डिजिटल सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सकें. कहते हैं सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में नेटवर्क की समस्या को लेकर टेलिकॉम विभाग से वार्ता हुई थी. इसे दुरुस्त करने को लेकर भी बात बनी थी. लेकिन अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है. इस मामले में फिर से विभाग से बात की जायेगी.

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