मक्का की कीमतों में गिरावट से किसानों में हताशा, लागत भी निकलना मुश्किल

Published by : RAJKISHOR K Updated At : 20 May 2026 5:39 PM

विज्ञापन

मक्का की कीमतों में गिरावट से किसानों में हताशा, लागत भी निकलना मुश्किल

विज्ञापन

कुरसेला मक्का दरों में गिरावट से क्षेत्र के किसान हताश है. मक्का के वर्तमान दर से किसानों की लगत पूंजी व श्रम का निकल पाना मुश्किल हो गया है. मक्का का वर्तमान दर प्रति क्विंटल 1900 रुपया बताया जा रहा है. किसानों की उम्मीद थी कि इस साल मक्का का कीमत प्रति क्विंटल 2200 से 2500 सौ रुपया होना चाहिए था. खेती पर खाद, बीज, पटवन, जोत, मजदूर का प्रति एकड़ का खर्च चालीस हजार से अधिक होता है. जमीन लीज पर लेकर मक्का खेती करने वाले को दस से पन्द्रह हजार का अतिरिक्त खर्च लगता है. लागत खर्च श्रम के अनुरुप मक्का का दर नहीं होने से कृषकों को खेती लाभ की बजाय नुकसान पहुंचा रहा है. बल्थी महेशपुर गांव के किसान सुशील कूमार सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह, अश्वनि कुमार सिंह, बबलू सिंह, कौशल मंडल, मलेनियां गांव के किसान दिनेश्वर मंडल, तीनघरिया गांव के किसान बरुण मंडल ने बताया कि इस साल असमय आंधी बारिश से किसानों का मक्का फसल की व्यापक क्षति हुई है. अधिकतर किसानों की मक्का फसल तेज आंधी में गिरकर बरबाद हो चुकी है. प्रकृतिक आपदा से बचा खुचा मक्का फसल का उपज में हास हुआ है. उस पर मक्का दरों में गिरावट ने किसानों को आर्थिक रुप से कमर तोड़ने का कार्य कर रहा है. जानकारी अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिये मक्का का न्यूतम समर्थन मूल्य एमएसपी 2410 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है. सरकार मक्का का तय दर का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है. किसानों का कहना है कि सरकर द्वारा तय दर लागू कराने में प्रशासनिक अधिकारी निष्क्रिय बने रहते है. नतीजन किसानों का हक बड़े छोटे स्थानीय मक्का व्यवसायी उठा ले जा रहे है. बिना खेती मेहनत का व्यवसाइयों को मक्का पैदावार का लाभ मिल जा रहा है. राजद किसान प्रकोष्ट के जिला अध्यक्ष गोपाल प्रसाद यादव ने कहा कि एमएसपी के सरकार के तय दर का किसानों को लाभ मिलना चाहिए. प्रशासनिक अनदेखी से किसानों को मक्का के उचित दर का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कर्ज व आर्थिक परेशानी में मक्का बेचने को मजबूर किसान कर्ज आर्थिक परेशानी में बाजार मंडी के तय दामों में मक्का फसल को बेचने को मजबूर हो जाते है. कर्ज दरों का तकाजा अन्य आर्थिक परेशानियों में किसान मक्का फसल तैयार होने के तत्काल बाद बिक्री करने को मजबूर हो जाता है. किसानों का कहना है कि व्याज उधार पर रुपया लेकर किसान खाद बीजों का खरीद कर खेती में लगाने का कार्य करते है. किसानों को तैयार मक्का फसल को बेचना मजबूरी बन जाता है.

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन