मां स्कंदमाता की आराधना में तल्लीन रहे श्रद्धालु, मंदिर में लगी रही भीड़

Updated at : 27 Sep 2025 6:38 PM (IST)
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मां स्कंदमाता की आराधना में तल्लीन रहे श्रद्धालु, मंदिर में लगी रही भीड़

मां स्कंदमाता की आराधना में तल्लीन रहे श्रद्धालु, मंदिर में लगी रही भीड़

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रविवार को षष्टमी की रात को बेल पूजा के साथ ही मां दुर्गा को निमंत्रण दिया जायेगा कटिहार मां दुर्गा की पूजा अर्चना को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर पहुंचने लगी है. शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के हर गली-मोहल्ले अब दुर्गापूजा के भक्ति से गुंजायमान हो रहा है. सार्वजनिक दुर्गा मंदिर व पूजा स्थल को सजाने व संवारने का काम लगभग पूरा हो चुका है. हालांकि औपचारिक रूप से मां का पट सोमवार को दर्शन के लिए खुलेगा. पर रविवार यानी षष्टमी की रात को बेल पूजा के साथ ही मां दुर्गा को निमंत्रण दिया जायेगा. उसके बाद सप्तमी के दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना एवं दर्शन के लिए पट को खोल दिया जायेगा. इस बीच शनिवार को नवरात्र के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना पूरे भक्ति भाव एवं विधि विधान के साथ किया गया. विभिन्न मंदिरों एवं पूजा स्थलों में मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना के लिए सुबह से ही भीड़ लगी रही. श्रद्धालुओं ने अपने घरों में कलश स्थापित कर मां स्कंदमाता की पूजा मां दुर्गा के पांचवे रूप के तहत किया. रविवार को मां दुर्गा के छठे रूप में मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की जायेगी. इधर दुर्गापूजा के नजदीक आने के साथ ही बाजारों में खरीदारी को लेकर भीड़ जुटने लगी है. छोटे- बड़े सभी बाजारों में लोग अपने अपने हिसाब से खरीददारी करने में जुटे है. शहरी क्षेत्र में तो खरीदारी को लेकर भीड़ जुटने की वजह से जाम की समस्या उत्पन्न होने लगी है. आज होगी मां कात्यायनी की पूजा नवरात्र के छठे दिन रविवार को मां दुर्गा के रूप में मां कात्यायनी की पुजा की जायेगी. इसकी पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालु तैयारी में जुटे हुए है. मां कात्यायनी की पूजा के अनुरूप अनुष्ठान को लेकर खरीदारी भी की गयी है. जानकर बताते है कि मां कात्यायनी अपने भक्तगणों पर हमेंशा अपनी कृपा दृष्टि रखती है. सच्चे भक्तगणो की वे हर मनोकामना पुरी करती है. बताया जाता हैैैै कि मां कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के घर हुआ था. कात्यायन के घोर तपस्या करके मां दुर्गा को प्रसन्न किया था उसके पश्चात् मां दुर्गा प्रसन्न होकर मह्रिषी को वरदान दिया कि वे उनके यहां पुत्री का जन्म लिया. इस कारण उनका नाम कात्यायनी रखा गया. उन्हें प्रसन्न करना कठिन नही है. अगर उनकी सच्चे मन से पुजा आर्चना करते है तो हर कष्ट को दुर करेगी. घर में सुख शान्ति का आह्वान होता है. धन-समृद्धि की कभी कमी नही आती है. घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होगा नकारात्मक ऊर्जा दूर रखेगा. कात्यायनी की पुजन सामग्री नारियल, कलश, गंगाजल, कलावा, रोली, चावल, चुनी, शहद, अगरबत्ती, धुप, दीया और घी आदि है.

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