बच्चों को दी जायेंगी पुरानी िकताबें
राहत. विभाग ने जारी किया दिशा िनर्देश सूबे में मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार है़ जारी नये आदेश के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से किताब वापस लेकर शैक्षणिक सत्र 2017-18 में नामांकित बच्चों […]
राहत. विभाग ने जारी किया दिशा िनर्देश
सूबे में मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी राज्य सरकार है़ जारी नये आदेश के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से किताब वापस लेकर शैक्षणिक सत्र 2017-18 में नामांकित बच्चों को दी जायेगी़ यह आदेश कक्षा तीन से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं पर लागू होगी़
कटिहार : अब सरकारी प्रारंभिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को पुरानी किताब से ही अपना कोर्स पूरा करना पड़ेगा. पिछले कई वर्षों से सरकारी विद्यालय के बच्चों से समय पर पाठ्य पुस्तक नहीं मिलने को लेकर पठन पाठन पर असर पड़ रहा था. समय पर पुस्तक उपलब्ध कराने को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से सरकार से मांग की जा रही है़ इस बीच रविवार को राज्य सरकार ने एक नये आदेश जारी कहा है कि विद्यालय में पूर्व से अध्ययनरत बच्चे जो परीक्षा दे चुके होंगे, उनकी किताब वापस लेकर फिर से अप्रैल माह से जारी सत्र के नये बच्चों को दे दी जायेगी. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने इस आशय से संबंधित आदेश सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दिया है़
623588 छात्र-छात्राओं को देनी है पुस्तक : कटिहार जिले में शैक्षिक सत्र 2017-18 में कक्षा 1 से 8वीं तक के कुल 623588 छात्र-छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक कराने का लक्ष्य रखा गया है़ जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय की ओर से बिहार शिक्षा परियोजना पटना को विषयवार पुस्तक की आवश्यकता के अनुसार मांग की गयी है़ इससे शिक्षा विभाग पेसोपेश में है़ हालांकि विभागीय आदेश के आलोक में स्थानीय शिक्षा विभाग इस दिशा में पहल शुरू कर दी है़, लेकिन बुद्धिजीवियों में इस नये आदेश के अनुसार कई नये सवाल उठने शुरू हो गये है़ं
यह है मामला : दरअसल आरटीइ लागू होने के बाद पिछले 6-7 वर्षों से राज्य सरकार की ओर से सरकारी विद्यालय के बच्चों को मुफ्त में किताब उपलब्ध करायी जाती रही है़
सरकारी विद्यालय के बच्चों को शैक्षणिक सत्र के 4-5 महीना बीतने के बाद किताब मिलती थी़ बिहार बाल आवाज मंच सहित विभिन्न संगठनों के द्वारा समय पर किताब उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की जाती रही है़ मंच की कटिहार जिला इकाई के पहल पर स्थानीय विधायक तारकिशोर विधायक ने वर्ष 2016 में समय पर बच्चों को किताब उपलब्ध कराने को लेकर विधानसभा में सवाल उठाया था़ सरकार ने सदन में यह अाश्वासन दिया था कि शैक्षिक सत्र 2017-18 में बच्चों को समय पर पुस्तक मिल जायेगी़ अब पुरानी किताब से सरकार अपने अाश्वासन को पूरा करना चाहती है़
वार्षिक मूल्यांकन में वापस ली जायेगी पुस्तक
रविवार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के राज्य परियोजना निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को आदेश जारी कर कहा है कि प्रारंभिक विद्यालयों के वर्ग तीन से आठ में अध्ययनरत बच्चों को शैक्षणिक सत्र 2016-17 में उपलबध करायी गयी है, नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक वार्षिक मूल्यांकन की अवधि में जमा ली जायेगी़ जमा ली गयी पाठ्य-पुस्तक को शैक्षणिक सत्र 2017-18 में छात्र-छात्राओं के बीच वितरित की जायेगी़ एसपीडी की ओर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि जिस दिन जिस विषय का मूल्यांकन होगा, उस दिन बच्चों से उस विषय की पुस्तक ले ली जाये साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्धारित पत्र के अनुसार वापस ली गयी पाठ्य-पुस्तक का अभिलेख संधारण भी किया जाये. नये सत्र में पुराने पुस्तक वितरण को लेकर भी अभिलेख संधारण का निर्देश दिया गया है़ पत्र में यह भी कहा गया है कि नये सत्र में पुस्तक-वितरण करने के बाद शेष आवश्यकता की पुस्तकों की वर्गवार एवं टाइटलवार मांग प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से की जायेगी.
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