ढांढ़स बंधाने की भी नहीं हो रही थी हिम्मत

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आजमनगर : मराडांगी व मर्वतपुर में जब चारों शवों को जब उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, तो वह दृश्य बेहद ह्दयविदारक था. परिजनों के चीत्कार से वहां मौजूद लोग भी उन्हें ढांढस बंधाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे. परिजनों करुण क्रंदन से आसपास का पूरा इलाका स्तब्ध था. बच्चों की आंखें अपने […]

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आजमनगर : मराडांगी व मर्वतपुर में जब चारों शवों को जब उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया, तो वह दृश्य बेहद ह्दयविदारक था. परिजनों के चीत्कार से वहां मौजूद लोग भी उन्हें ढांढस बंधाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे. परिजनों करुण क्रंदन से आसपास का पूरा इलाका स्तब्ध था. बच्चों की आंखें अपने पिता को ढूंढ रही थी, तो कोई पति, तो कोई बेटे को ढूंढ रही थी. जो अब इस दुनिया में नहीं थे. पर उनको समझाता कौन. बच्चे अब्बू उठिये ना खाना खा लीजिए. बच्चों की इन बातों को सुन जो भी

सामने थे वो अपनी आंखों से आंसुओं को गिरने से रोक नहीं पा रहे थे. पूरे गांव में लग रहा था कि आग बरस रही है. हालत यह थी कि लोग पीड़ितों को चुप कराते-कराते खुद ही रोने लग जा रहे थे.

मृत लोगों को दी श्रद्धांजलि : फलका. कानपुर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटना में मृत लोगों की आत्मा की शांति लिए मंगलवार को फलका बाजार में समाजसेवी अनिल पासवान के नेतृत्व में मोमबत्ती जला कर श्रद्धांजलि दी गयी. श्री पासवान ने कहा कि रेल हादसे की की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए. श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नीरज गुप्ता, शंकर ठाकुर, बंटू गुप्ता, राजीव कुमार गुप्ता, टुनटुन गुप्ता, बुचो साह, फारूक, मोनू, सोनू पासवान, जुम्मन आदि मौजूद थे.
अपने प्रिय की लाश देख परिजनों की पागलों जैसी हो गयी थी स्थिति.
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