इलाज के नाम पर वसूले रुपये
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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भ्रष्टाचार . सदर अस्पताल में मरीजों का हो रहा आर्थिक शोषण भरती मरीज ने लगाया स्वास्थ्यकर्मी पर उगाही का आरोप प्राणपुर प्रखंड के नाथपुर निवासी कार्तिक पासवान को तीन दिन पहले सदर अस्पताल में भरती कराया गया. उनका आरोप है कि उन्हें पेशाब करने में परेशानी हो रही थी. पेशाब के रास्ते में पाइप लगाने […]
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भ्रष्टाचार . सदर अस्पताल में मरीजों का हो रहा आर्थिक शोषण
भरती मरीज ने लगाया स्वास्थ्यकर्मी पर उगाही का आरोप
प्राणपुर प्रखंड के नाथपुर निवासी कार्तिक पासवान को तीन दिन पहले सदर अस्पताल में भरती कराया गया. उनका आरोप है कि उन्हें पेशाब करने में परेशानी हो रही थी. पेशाब के रास्ते में पाइप लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी ने उनसे 500 रुपये लिए. यहां तक कि उससे तीन बोतल पानी चढ़ाने का भी 80 रुपये ले लिया.
कटिहार : सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है. सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे प्राणपुर निवासी मरीज कार्तिक ने कहा कि दवा भी उससे बाहर से खरीदनी पड़ी. साथ ही इलाज के लिए सदर अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मी को राशि भी देनी पड़ी. प्रसव वार्ड की हालत तो और भी खस्ता है.
सदर अस्पताल में भरती कई मरीजों ने कहा कि प्रसव विभाग में बिना सुविधा शुल्क दिये संभव नहीं है कि आप अपने मरीज का प्रसव करा कर उसे घर लेकर चले जाएं. प्रसव वार्ड में मरीज के आते ही आशा, ममता, स्वास्थ्य कमी परिजनों से उगाही में लग जाते हैं. अगर परिजन राशि देने से इंकार कर दें तो उन पर अनेक तरीके से रुपये के लिए दबाव बनाया जाता है.
शिकायत का भी फायदा नहीं
बिचौलियों से सदर अस्पताल भरा पड़ा है. इस बात की पुष्टि सीएस भी कई बार कर चुके हैं. कटिहार के दुर्गास्थान व सालमारी निवासी मरीज को कुछ दिन पूर्व प्रसव कराने के लिए उसके परिजन सदर अस्पताल पहुंचे थे. प्रसूता को भरती करने में पहले तो परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. किसी प्रकार प्रसव वार्ड में उसे भरती लिया गया . भरती लेने के बाद आशा व ममता ने भरसक यह प्रयास किया कि उसे निजी नर्सिंग होम में लेकर चलें,
ताकि दवा व अन्य कमीशन मिला कर उसे पांच से दस हजार रुपये मिल जायें. पर, मरीज व उसके परिजन अपनी आर्थिक स्थिति की दुहाई देते हुए नर्सिंग होम जाने से मना कर दिये. वहीं प्रसव के बाद स्वास्थ्य कर्मी आशा के माध्यम से पांच हजार रुपये मांगने लगे. इसको लेकर प्रसूता के परिजन ने सीएस को लिखित शिकायत की थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.
कहते हैं सीएस
सीएस एससी झा ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है. अगर ऐसी बात है तो जांच कर उक्त कर्मी पर कार्रवाई की जायेगी.
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