दुर्गा की आराधना में डूबे लोग कल से होगा माता का दीदार
Updated at : 04 Oct 2019 9:04 AM (IST)
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कटिहार : मां दुर्गा की पूजा अर्चना को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है. शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के हर गली-मोहल्ले अब दुर्गा पूजा की भक्ति से गुंजायमान हो रहा है. पूजा पंडाल व सार्वजनिक दुर्गा मंदिर को सजाने एवं संवारने का काम लगभग पूरा हो चुका है. हालांकि औपचारिक रूप से मां का […]
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कटिहार : मां दुर्गा की पूजा अर्चना को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है. शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के हर गली-मोहल्ले अब दुर्गा पूजा की भक्ति से गुंजायमान हो रहा है. पूजा पंडाल व सार्वजनिक दुर्गा मंदिर को सजाने एवं संवारने का काम लगभग पूरा हो चुका है. हालांकि औपचारिक रूप से मां का पट शनिवार को दर्शन के लिए खुलेगा. शुक्रवार को बेल पूजा के साथ ही मां दुर्गा को निमंत्रण दिया जायेगा.
उसके बाद सप्तमी के दिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना एवं दर्शन के लिए पट को खोल दिये जायेंगे. इस बीच गुरुवार को नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना पूरे भक्ति भाव एवं विधि विधान के साथ किया गया. विभिन्न मंदिरों एवं पूजा पंडालों में मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना के लिए सुबह से ही भीड़ लगी रही. श्रद्धालुओं ने अपने घरों में कलश स्थापित कर मां स्कंदमाता की पूजा मां दुर्गा के पांचवे रूप के तहत किया.
शुक्रवार मां दुर्गा के छठे रूप में मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की जायेगी. इधर, दुर्गापूजा के नजदीक आने के साथ ही बाजारों में खरीदारी को लेकर अत्यधिक भीड़ जुटने लगी है. छोटे-बड़े सभी बाजारों में लोग अपने-अपने हिसाब से खरीददारी करने में जुटे है. शहरी क्षेत्र में तो खरीदारी को लेकर भीड़ जुटने की वजह से जाम की समस्या उत्पन्न होने लगी है.
आज होगी मां कात्यायनी की पूजा : नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के रूप में मां कात्यायनी की पूजा की जायेगी. पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालु तैयारी में जुटे हुए है. मां कात्यायनी की पूजा के अनुरूप अनुष्ठान को लेकर खरीदारी भी की गयी है.
जानकर बताते है कि मां कात्यायनी अपने भक्तगणों पर हमेशा अपनी कृपा दृष्टि रखती है. सच्चे भक्तगणों की वह हर मनोकामना पूरी करती हैं. बताया जाता हैैैै कि मां कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के घर हुआ था. कात्यायन के घोर तपस्या करके मां दुर्गा को प्रसन्न किया था इसके पश्चात् मां दुर्गा प्रसन्न होकर मर्हिषी को वरदान दिया कि वे उनके यहां पुत्री का जन्म लिया. इस कारण उनका नाम कात्यायनी रखा.
उन्हें प्रसन्न करना कठिन नहीं है. अगर उनकी सच्चे मन से पूजा आर्चना करते हैं तो हर कष्ट को दूर करेगी. घर में सुख शान्ति का आह्वान होता है. धन-समृद्धि की कभी कमी नहीं आती है. घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होगा. नकारात्मक ऊर्जा दूर रखेगा. कात्यायनी की पूजन सामग्री नारियल, कलश, गंगाजल, कलावा, रोली, चावल, चुनी, शहद, अगरबत्ती, धुप, दीया और घी आदि है.
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