जिलास्तरीय पशु चिकित्सालय में चिकित्सक, दवा व कर्मियों की कमी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Dec 2017 5:51 AM

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पशु अस्पताल में दवा सहित कई सामग्रियों का है घोर अभाव कटिहार : जिला मुख्यालय स्थित राजकीय पशु औषधालय व्यवस्था के अभाव में चिकित्सक एवं पशुपालकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. पशु अस्पताल में कई पशु के बीमारी को रोकने के लिए दवाई सहित कई सामग्रियों का घोर अभाव रहने के […]

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पशु अस्पताल में दवा सहित कई सामग्रियों का है घोर अभाव

कटिहार : जिला मुख्यालय स्थित राजकीय पशु औषधालय व्यवस्था के अभाव में चिकित्सक एवं पशुपालकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. पशु अस्पताल में कई पशु के बीमारी को रोकने के लिए दवाई सहित कई सामग्रियों का घोर अभाव रहने के कारण पशुपालकों को बाजार से दवाई खरीदने को विवश हैं. अस्पताल में सफाई कर्मी एवं रात्रि प्रहरी नहीं रहने के कारण अस्पताल परिसर में नियमित रूप से सफाई नहीं किया जा रहा है. रात्रि प्रहरी के अभाव में भगवान भरोसे सुरक्षा अस्पताल का हो रहा है. इस अस्पताल में लिपिक एवं पशुधन सहायक को छोड़कर सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर हैं.
अस्पताल में जनरेटर की सुविधा नहीं रहने के कारण रात्रि में बिजली गुल हो जाने के बाद अंधेरा में कर्मचारियों को काम करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. जबकि अस्पताल 24 घंटे खुला रह कर आम लोगों की सेवा किया जाता है. इसके बावजूद भी राजकीय पशु औषधालय में सुविधा की घोर कमी है. पशु अस्पताल में कुत्ता काटने पर दी जाने वाली दवा रेबीज बीमारी को रोकने के लिए टीकाकरण की व्यवस्था नहीं रहने के कारण कुत्ता पालक को बाजार से रेबीज बीमारी को रोकने का टीकाकरण खरीदना पड़ता है. मवेशी के हड्डी जोड़ने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस बाजार से खरीद कर लाना पड़ता है. मवेशी की घाव की सिलाई करने के लिए धागा भी बाजार से खरीद कर लाना पड़ता है. अस्पताल में उपस्कर एवं सामग्री का घोर अभाव है. जिसका खामियाजा पशुपालक को भुगतना पड़ रहा है. राजकीय पशु औषधालय में 4 चिकित्सक प्रतिनियुक्त हैं. एक लिपिक एक पशुधन सहायक, दो परिचारी के बदौलत यह जिलास्तरीय अस्पताल 24 घंटे काम कर रही है. चिकित्सक एवं कर्मी का घोर कमी रहने के कारण पशुपालकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
कहते हैं चिकित्सक
डॉ राकेश कुमार ने बताया कि चिकित्सक एवं कर्मचारियों की कमी रहने के कारण अस्पताल संचालन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में सफाई कर्मी रात्रि प्रहरी नहीं है. डॉ राकेश कुमार ने कहा कि यह अस्पताल 24 घंटे संचालित किया जाता है. 8 घंटे का शिफ्ट में चिकित्सक 24 घंटे कार्य करते हैं. अस्पताल में प्रतिदिन 10 मवेशी चिकित्सा कराने के लिए आते हैं. तीन गर्भाधान, बधियाकरण प्रति माह 20 मवेशी का किया जाता है. इस अस्पताल में मात्र मल मूत्र एवं रक्त की जांच की सुविधा है.
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