शिक्षक दिवस आज, सरकारी शिक्षकों में नहीं दिख रहा उत्साह

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Sep 2017 4:59 AM

विज्ञापन

कटिहार : जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को होने वाले शिक्षक दिवस की तैयारी जोर शोर से चल रही है. निजी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, पर सरकारी विद्यालय के शिक्षकों में मायूसी साफ झलक रही है. दरअसल पांच महीने से शिक्षकों को वेतन नहीं […]

विज्ञापन

कटिहार : जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को होने वाले शिक्षक दिवस की तैयारी जोर शोर से चल रही है. निजी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, पर सरकारी विद्यालय के शिक्षकों में मायूसी साफ झलक रही है. दरअसल पांच महीने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने की वजह से उनमें शिक्षक दिवस को लेकर कोई उत्साह नजर नहीं आ रहा है.

दूसरी तरफ छात्र छात्राओं में शिक्षक दिवस को सेलिब्रेट करने को लेकर गजब का उत्साह दिखा रहा है. खासकर निजी शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं में उत्साह अधिक है. कुछ शिक्षक संगठनों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में शिक्षक दिवस पर धरना प्रदर्शन किये जाने का भी निर्णय लिया है.
बुद्धिजीवियों में भी यह बात चर्चा का विषय है कि हर साल पांच सितंबर को होने वाले शिक्षक दिवस पर सरकारी व निजी स्तर पर राज्य व राष्ट्र के पैमाने पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है, पर दूसरी तरफ सरकारी विद्यालय के शिक्षकों को वेतन के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है. आखिर सरकार शिक्षकों को किस तरह का सम्मान देना चाहती है. वेतन के अभाव में शिक्षकों को विभिन्न तरह के आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है.
अप्रैल 2017 से अब तक नहीं मिला है वेतन: विभिन्न संगठनों ने शिक्षक दिवस के मौके पर वेतन नहीं मिलने के विरोध में धरना प्रदर्शन करने की योजना बना रखी है. उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2017 से सर्व शिक्षा अभियान के मद से टीइटी शिक्षक व नियोजित शिक्षकों का वेतन भुगतान अबतक नहीं हुआ है. पांच माह से शिक्षकों काे वेतन नहीं मिलने की वजह से उन्हें व उनके परिवार को आर्थिक संकट का समाना करना पड़ रहा है. बिहार राज्य अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के नेता अजीत कुमार की मानें तो पांच महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से घर का भाड़ा देने में भी कठिनाई होने लगी है.
अब तो मकान मालिक घर खाली करने की बात कह रहे हैं. साथ ही किराना दुकान से उधार लेकर किसी तरह काम चला रहे हैं, पर अब किराना दुकानदार भी उधार देने से मना कर रहा है. ऐसे में उनके जैसे शिक्षकों के समक्ष भूखे रहने की नौबत आ गयी है.
कहते हैं शिक्षक नेता: बिहार राज्य अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला सचिव मुमताज अहमद ने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ता है. जब शिक्षक को समय पर वेतन ही नहीं मिलेगा, तो सम्मान की बात कहां से होगी. पांच महीने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. भूखे मरने को शिक्षक विवश हैं. शिक्षकों के मान सम्मान को लेकर राज्य सरकार सिर्फ औपचारिकता निभाती है.
राजकीय पुरस्कार के लिए नहीं भेजा जा सका शिक्षकों के नाम का प्रस्ताव
राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की ओर से हर वर्ष शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राजकीय सम्मान के साथ सम्मानित किया जाता है. पिछले कुछ वर्षों से कटिहार के शिक्षक भी सम्मानित होते रहे हैं. पर इस बार कटिहार के शिक्षकों को राजकीय सम्मान से वंचित होना पड़ रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के आवेदन को जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन के साथ राज्य सरकार को भेजा जाता है. पर इस बार जिले से एक भी शिक्षक का नाम पुरस्कार को लेकर सरकार के पास नहीं भेजा जा सका है. स्थानीय जिला शिक्षा कार्यालय की मानें तो जनवरी-फरवरी 2017 में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का नाम अनुशंसा के साथ मांगा गया था, पर बीइओ के द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का कोई प्रस्ताव जिला शिक्षा कार्यालय को प्राप्त नहीं हो सका. इसकी वजह से राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए शिक्षकों के नामों की अनुशंसा नहीं की जा सकी. उल्लेखनीय है कि शिक्षक दिवस पर पटना में कई चुनिंदा शिक्षकों सम्मानित किया जायेगा. दिल्ली में भी राष्ट्रपति के द्वारा शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा. ऐसे में इस बार कटिहार के शिक्षक राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार से वंचित हो गये हैं.
िशक्षकों को सम्मानित करने की जिला शिक्षा विभाग की है तैयारी
स्थानीय शिक्षा विभाग के द्वारा यूं तो शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम करने की कोई तैयारी नहीं थी, पर डीएम मिथिलेश मिश्र के निर्देश पर मंगलवार को शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन विभाग के द्वारा शहर के एमबीटीए इस्लामिया उच्च विद्यालय में किया जायेगा. स्थानीय शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार इस समारोह में जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जायेगा. इसके लिए शिक्षकों को चिह्नित करने के काम को अंतिम रूप दे दिया गया है. हालांकि जिला स्तर पर आयोजन करने को लेकर विभाग के स्तर से कोई निर्देश नहीं है, पर डीएम की पहल पर इस तरह की गतिविधि का आयोजन होने से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा. बुद्धिजीवियों में इस बात को लेकर हर्ष भी व्याप्त है.
कहते हैं डीइओ
डीइओ दिनेश चंद्र देव ने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय के द्वारा सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र प्रेषित कर यह कहा गया था कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर उसके नाम का प्रस्ताव जिला शिक्षा कार्यालय में भेजें, ताकि जिला स्तरीय चयन समिति के द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के नाम के प्रस्ताव की अनुशंसा राज्य को भेजी जा सके. हालांकि निर्धारित अवधि तक जिले के किसी भी शिक्षक का आवेदन पुरस्कार के लिये नहीं प्राप्त हुआ. दूसरी तरफ आवंटन के अभाव में शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. दो महीने का आवंटन आ चुका है. शीघ्र ही शिक्षकों के बैंक खाते में भेज दिया जायेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन