खेल मैदान पर आंबेडकर छात्रावास के बाउंड्री निर्माण को ग्रामीणों ने रोका

नगर पंचायत हाटा क्षेत्र के दुबे के सरैया गांव स्थित एकमात्र खेल मैदान पर कल्याण विभाग द्वारा संचालित डॉ भीमराव आंबेडकर छात्रावास की बाउंड्री निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया
दुबे के सरैया गांव में खेल मैदान बचाने को ग्रामीण व खिलाड़ी एकजुट = सूचना पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी ने ग्रामीणों को समझाया स्टेडियम की उम्मीद पर संकट, बाउंड्री निर्माण के खिलाफ गांव में आक्रोश भभुआ नगर. नगर पंचायत हाटा क्षेत्र के दुबे के सरैया गांव स्थित एकमात्र खेल मैदान पर कल्याण विभाग द्वारा संचालित डॉ भीमराव आंबेडकर छात्रावास की बाउंड्री निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने रोक दिया. निर्माण कार्य शुरू होते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचकर काम बंद करा दिया. सूचना मिलते ही भभुआ के अनुमंडल पदाधिकारी, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी तथा प्रखंड कल्याण पदाधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे. ग्रामीणों के साथ स्थानीय फुटबॉल खिलाड़ियों ने भी विरोध जताया है. ग्रामीणों का कहना है कि छात्रावास के बाउंड्री निर्माण होने से खेल मैदान बाधित होगा. ग्रामीणों का कहना है कि यदि छात्रावास की बाउंड्री निर्धारित सीमा से आगे बढ़ाकर बनायी जाती है, तो गांव का एकमात्र खेल मैदान प्रभावित हो जायेगा. यह मैदान वर्षों से क्षेत्र के युवाओं के लिए खेलकूद का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां हर साल फुटबॉल टूर्नामेंट सहित कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मैदान के सिमटने से युवाओं की खेल गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा और उनकी प्रतिभा को उचित मंच नहीं मिल पायेगा. ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस मैदान को सुरक्षित रखने और यहां स्टेडियम निर्माण की मांग करते आ रहे हैं. कई बार प्रशासन से गुहार लगायी गयी है. हाल ही में खेल मैदान के बीच से गुजर रहे बिजली के तार को खेल पदाधिकारी द्वारा हटाया गया था, जिससे उम्मीद जागी थी कि यहां स्टेडियम निर्माण की दिशा में पहल की जायेगी. अधिकारियों द्वारा आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब छात्रावास की बाउंड्री निर्माण से उस योजना पर संकट मंडराने लगा है. ग्रामीण व फुटबॉल खिलाड़ी संतोष यादव ने स्पष्ट कहा कि जब तक खेल मैदान को सुरक्षित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी स्थिति में बाउंड्री निर्माण नहीं होने दिया जायेगा. ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से हस्तक्षेप कर मैदान को सुरक्षित रखने की मांग की है. उनका आरोप है कि यदि छात्रावास निर्माण के लिए पीछे उपलब्ध भूमि का समुचित अधिग्रहण कर योजना बनायी जाती, तो यह विवाद उत्पन्न ही नहीं होता. ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इसके लिए खेल मैदान जैसे सार्वजनिक संसाधन को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए. – क्या कहते हैं पदाधिकारी इस संबंध में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अंशु कुमार ने बताया कि कल्याण विभाग द्वारा 100 बेड वाले छात्रावास का निर्माण कराया गया है. उन्होंने कहा कि बाउंड्री निर्माण का कार्य इस तरह से किया जा रहा है, जिससे खेल मैदान किसी भी प्रकार से बाधित न हो. ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में सभी संबंधित पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया गया. उन्होंने बताया कि खेल गतिविधियों को सुचारु बनाये रखने के लिए मैदान में लगे गोल पोस्ट को पूरब-पश्चिम दिशा में स्थानांतरित किया जायेगा, इससे खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और खेल पूर्ववत जारी रह सकेगा.
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