खरसावां में आदिवासी उरांव सरना समिति की बैठक, सामाजिक एकजुटता बनाए रखने पर जोर

आदिवासी उरांव सरना समिति की बैठक
Seraikela Kharsawan News : खरसावां में आयोजित आदिवासी उरांव सरना समिति की बैठक में समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News : खरसावां के मोसाडीह स्थित सरना चौक में आदिवासी उरांव सरना समिति की बैठक ग्राम प्रधान मंगला उरांव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. समाज के हर स्तर पर सशक्त बनाने पर जोर दिया गया. बैठक के दौरान आदिवासी उरांव समाज की रूढ़िगत परंपराओं, रीति-रिवाजों, कला-संस्कृति, भाषा-लिपि और कुड़ुख भाषा की पहचान को संरक्षित और सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने पर भी विचार किया गया. इसमें सामाजिक आयोजनों में आर्थिक बोझ कम करने के साथ साथ कर्जमुक्त समाज, नशामुक्त समाज, दहेजमुक्त विवाह व्यवस्था तथा बाल विवाह उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई.
संगठित और संस्कारित समाज के निर्माण पर चर्चा
बैठक में जन्म संस्कार, विवाह संस्कार एवं मरण संस्कार से जुड़े नेग नियमों के पालन को आवश्यक बताते हुए एक स्वस्थ और संगठित समाज के निर्माण पर बल दिया गया. मुखिया इंद्रजीत उरांव ने विवाह व्यवस्था, संस्कार एवं नेग-नियमों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने इन परंपराओं को समाज का मूल आधार बताते हुए सभी से सामाजिक नेग-नियमों का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि संस्कारों और परंपराओं के अनुरूप जीवनशैली अपनाने से समाज में एकता, अनुशासन और सद्भाव मजबूत होता है. वहीं रीमा उरांव ने मरण संस्कार से जुड़े नियमों पर प्रकाश डाला. शिक्षा के महत्व पर शिक्षक हरेन उरांव ने विस्तृत जानकारी दी, जबकि शिक्षक भागरथी उरांव ने नशामुक्त समाज के निर्माण पर अपने विचार रखे. इस दौरान सामाजिक नेग नियमों का अनुपालन करने के प्रति भी समाज के लोगों को प्रेरित किया गया.

समाज में एकजुटता बनाए रखें, बच्चों को शिक्षित बनाए : वीरेंद्र उरांव
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जमशेदपुर के प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र उरांव ने समाज में एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया. साथ ही युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है. लोगों से मातृभाषा को बढ़ावा देते हुए अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर शिक्षित बनाने की अपील की. कार्यक्रम का संचालन बाबा कार्तिक उरांव पुस्तकालय के अध्यक्ष धर्मेंद्र उरांव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक हिरु उरांव द्वारा दिया गया.
बैठक में विभिन्न गांवों से पहुंचे थे उरांव समाज के लोग
बैठक में पंचायत समिति सदस्य रीमा उरांव, वार्ड सदस्य सुमन मिंज सुनिल कुमार टोप्पो, धरणीसेन उरांव, देबु उरांव, जयराम उरांव, पाहन सह ग्राम प्रधान बिर सिंह उरांव, मथुरा उरांव, गोविंद उरांव, धीरेन सेन उरांव, संतोष उरांव, काली चरण उरांव, मकुंद उरांव, कार्तिक उरांव, शालीग्राम उरांव, राधु उरांव, दशरथ उरांव समेत बिटापुर, सोखानडीह, शहरबेडा, नाराणडीह, सकुलटांड, कदमबेडा, बांधडीह, मोसोडीह, तेंतुलटांड, पदमपुर आदि गांव से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे.
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By प्रिया गुप्ता
प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.
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