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नप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि व पार्षद भिड़े, गाली-गलौज व हंगामा

Updated at : 27 Apr 2024 9:02 PM (IST)
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नप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि व पार्षद भिड़े, गाली-गलौज व हंगामा

भभुआ का नगर पर्षद लूटखसोट, अनियमितता, भ्रष्टाचार को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहा है. शनिवार को एक बार फिर नगर पर्षद कार्यालय में अध्यक्ष के चेंबर में ऐसा नजारा देखने को मिला, जो नगर पर्षद को एक बार फिर शर्मसार कर दिया.

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भभुआ कार्यालय. भभुआ का नगर पर्षद लूटखसोट, अनियमितता, भ्रष्टाचार को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहा है. शनिवार को एक बार फिर नगर पर्षद कार्यालय में अध्यक्ष के चेंबर में ऐसा नजारा देखने को मिला, जो नगर पर्षद को एक बार फिर शर्मसार कर दिया. नगर पर्षद के अध्यक्ष विकास तिवारी उर्फ बबलू तिवारी की मौजूदगी में उनके चेंबर में नगर पर्षद के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मंटू सिंह, वार्ड पार्षद व उनके प्रतिनिधि के बीच जमकर गाली गलौज व हंगामा हुआ. देखते ही देखते स्थिति हाथापाई तक पहुंच गयी. गाली गलौज व हंगामा इस कदर होने लगा कि बगल के चेंबर में बैठे कार्यपालक पदाधिकारी वहां से निकल जाना ही मुनासिब समझें. गाली गलौज व हंगामा जब हाथापाई तक पहुंच गयाए तो अध्यक्ष बीच बचाव में उतरे और दोनों पक्ष को शांत कराने का प्रयास किया. लेकिन, इसके बावजूद नगर पर्षद का कार्यालय में काफी देर तक गाली गलौज व हंगामा होता रहा. हंगामे के दौरान उपाध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा लगातार यह कहा जा रहा था कि पैसा नहीं दिया जायेगा नगर पर्षद में अब कोई भी काम में लूट खसोट नहीं होने देंगे. अब सैरात के वसूली का सारा पैसा जमा होगा. हम नगर पर्षद में लूट खसोट की स्वयं कलई खोलेंगे. दरअसल, नगर पर्षद के उपाध्यक्ष रविता पटेल के प्रतिनिधि मंटू सिंह व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मदन सिंह और उनके साथ मौजूद पार्षद के बीच पहले सैरात के किये जा रहे विभागीय वसूली को लेकर तीखी बहस हुई और धीरे धीरे मामला इतना बढ़ गया कि गाली गलौज व हाथापाई की नौबत आ गयी. वहां मौजूद वार्ड पार्षद प्रमोद कुमार पाठक, त्रिभुवन सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि भभुआ शहर में सैरातों की वसूली विभागीय करायी जा रही है. हमलोगों ने सैरात वसूलने वाले लोगों से जब जानकारी लिया तो यह पता चला कि प्रतिनिधि लगभग 35 हजार रुपये की वसूली होती है. महीने में लगभग दस लाख रुपये की वसूली की जा र ही है. लेकिन, नगर पर्षद के खाते में महज पांच से छह लाख रुपये ही जमा किया जा रहा है. हर महीने लगभग चार लाख रूपये का गबन किया जा रहा है. यह गबन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अधिकारी मिलकर प्रत्येक महीने कर रहे हैं. इसकी जांच करा कार्रवाई के लिए जब आवेदन दे रहे हैं तो न जांच कराया जा रहा है और ना ही इस पर कोई कार्रवाई हो रही है. बल्कि हम पार्षदों के साथ गाली गलौज कर डराया और धमकाया जा रहा है. इधर, उपाध्यक्ष के प्रतिनिधि मंटू सिंह हंगामे के दौरान पार्षदों के ऊपर सैरात के विभागीय वसूली के राशि में पैसा मांगने का आरोप लगाते नजर आये. उनके मुताबिक पार्षद सैरात के विभागीय वसूली में पैसा के लिए दबाव बना रहे हैं. – क्या कहते हैं अध्यक्ष उक्त् मामले में पूछे जाने पर वहां मौजूद नगर पर्षद के अध्यक्ष विकास तिवारी उर्फ बबलू तिवारी ने बताया कि किस बात को लेकर हंगामा और गाली गलौज हुआ इसकी मुझे जानकारी नहीं हैं. मुझे इससे कोई मतलब नहीं है. – क्या कहते हैं इओ उक्त मामले में नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि सैरात के वसूली के लिए टेंडर किया गया था लेकिन टेंडर में कोई डाक बोलियों के लिए नहीं आया जिसके कारण विभागीय वसूली की जा रही है. अभी आचार संहिता लगे होने के कारण विभागीय वसूली की जा रही है. आचार संहिता खत्म होते ही टेंडर किया जायेगा. जहां तक सैरात के वसूली में गबन का आरोप है तो वह पूरी तरह से आधारहीन व गलत आरोप है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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