जगह-जगह खुले गड्ढे व गहरी सड़क से यातायात बाधित, हादसे की आशंका स्थानीय लोगों ने एनएचएआइ से की सुरक्षा इंतजाम व कार्य में तेजी की मांग मोहनिया शहर. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मोहनिया नगर में कराये जा रहे नाला व सड़क निर्माण कार्य में धीमी गति और लापरवाही के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आलम यह है की शहर के कई जगह नाला निर्माण के लिए गड्डा खोद कर छोड़ दिया गया है. जबकि, कई जगह सड़क निर्माण के लिए सड़क को गहरा कर दिया गया है. इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बना रहता है. मालूम हो कि एनएच के किनारे अस्पताल की तरफ सड़क व नाला का निर्माण कई माह से किया जा रहा है, जिसके कारण जगह-जगह सड़क काट कर गहरा कर दिया गया है. लेकिन, निर्माण कार्य काफी धीमा गति से चल रहा है. इसके कारण यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है. महावीर मंदिर के पास की सर्विस रोड की स्थिति सबसे चिंताजनक है. यहां सड़क अचानक गहराई के बाद तीखी चढ़ान में बदल जाती है. चांदनी चौक पर लगने वाले जाम के दौरान इस ढलान के कारण वाहन पीछे की ओर खिसक जाते हैं, जिससे इ-रिक्शा और ऑटो चालकों को आये दिन मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं. कई बार वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति भी बन जाती है, लेकिन इसे लेकर सड़क निर्माण कंपनी का कोई ध्यान नहीं है. कई बार वाहन पीछे खिसकने से आपस में टकरा भी जाते हैं और चालकों के बीच विवाद उत्पन्न हो जाता है. हालांकि, थाना की ओर सड़क निर्माण कार्य अभी चल ही रहा है, लेकिन अत्यंत धीमी रफ्तार से निर्माण एजेंसी द्वारा जगह जगह गिट्टी फैलाकर छोड़ दिया गया है, जिससे फिसलन और जाम की समस्या बढ़ गयी है. इधर, सर्विस सड़क के किनारे ही कई जगह नाला निर्माण के नाम पर खुदाई कर उसे खुला छोड़ दिया गया है. जहां कई स्थानों पर सरिया तक बाहर निकला हुआ है, जो राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है. सड़क के किनारे खुले गड्ढे दे रहा दुर्घटना काे आमंत्रण नगर के मुख्य मार्गों से 24 घंटे वाहनों का आवागमन रहता है. इन्हीं मार्गों के किनारे मंदिर और निजी विद्यालय भी संचालित हैं, जहां बच्चों की आवाजाही बनी रहती है. खुले नालों के कारण बच्चों के गिरने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. लोगों की माने तो कई बार जानवर भी इन गड्ढों में गिर चुके हैं. जबकि, सोमवार की रात नाला निर्माण स्थल पर रखे गये पत्थरों से एक ट्रक टकरा गया. गनीमत रही कि ट्रक खुदाई किये गये गड्ढे में नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. इस घटना के बाद भी निर्माण एजेंसी की ओर से न तो चेतावनी संकेत लगाये गये और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम ही किये गये हैं. # क्या कहते हैं लोग – इस संबंध में बरेज गांव निवासी दीनानाथ सिंह ने कहा एनएचएआइ से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लायी जाये. खुले नालों को तत्काल ढंका जाये और खतरनाक स्थलों पर बैरिकेडिंग कर संकेतक लगाये जाये, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके. – इस संबंध में बरेज गांव निवासी मनी जी सिंह ने कहा जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना एनएचएआइ की जिम्मेदारी है. इसलिए जहां गड्ढ़ा है वहां सांकेतिक बोर्ड लगाया जाये. खुले गड्ढे से कभी भी बड़ा हादसा भी हो सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

