मोहनिया शहर. मंगलवार को केशोपुर गांव में आठ दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण ज्ञान यज्ञ सह मां काली की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जलभरी कलशयात्रा का आयोजन किया गया. इस दौरान हाथी-घोड़ा और गाजे-बाजे के साथ जलभरी यात्रा निकाली गयी. यात्रा यज्ञ स्थल केशोपुर गांव से शुरू होकर खजरा, मरीचा, डंडवास होते छोटकी कुल्हड़िया के मां अंजनी परिसर स्थित कुदरा नदी से जलभरी की गयी. इस दौरान पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी. मालूम हो कि आठ दिवासीय मां काली प्राणप्रतिष्ठा सह श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन 25 मई से 01 जून तक यज्ञ स्थल केशोपुर गांव के काली स्थान पर किया गया हैं. यहां यह आयोजन परम पूज्य गुरुदेव श्री त्रिदंडी स्वामी महाराज के शिष्य पूज्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वमी महाराज के सानिध्य में किया गया है. इसमें 25 मई को कथा की शुरुआत, 27 मई को जलयात्रा, 31 मई को मां काली की प्राण प्रतिष्ठा, एक जून को महाभंडारा प्रसाद वितरण व प्राणप्रतिष्ठा महायज्ञ की पूर्णाहुति की जायेगी. मंगलवार को जलभरी यात्रा में बूढ़े, बच्चे, नौजवान और महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें हाथी-घोड़ा, गाजे-बाजे के साथ जलभरी यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू हुई और कुदरा नदी से जलभरी कर यज्ञ स्थल पहुंची. इस दौरान केशवपुर गांव से करीब सात किलोमीटर लंबी यात्रा तय कर लोग कुल्हड़िया गांव के समीप माता अंजनी के मंदिर परिसर के कुदरा नदी से जल भरी कर वापस लौटे. इस दौरान पूरे रास्ते में हेलीकॉप्टर की मदद से पुष्प की वर्षा की जा रही थी, जहां यह दृश्य देखकर अद्भुत लग रहा था. इस संबंध में यज्ञ समिति के लोगों ने बताया कि इस यज्ञ का आयोजन जीयर स्वामी के सानिध्य में किया जा रहा है, जो आठ दिन तक चलेगा.
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