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डेढ़ साल से वाॅशरूम का मरम्मत कार्य अधूरा, महिला अधिवक्ताओं को परेशानी

Updated at : 11 Dec 2025 4:05 PM (IST)
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डेढ़ साल से वाॅशरूम का मरम्मत कार्य अधूरा, महिला अधिवक्ताओं को परेशानी

अधिवक्ता संघ भवन के पास वाॅशरूम उपयोग लायक नहीं

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अधिवक्ता संघ भवन के पास वाॅशरूम उपयोग लायक नहीं इओ ने कहा- 10 दिन में पूरा होगा वॉशरूम की मरम्मत का कार्य मोहनिया सदर. अधिवक्ता संघ भवन की बगल में अधिवक्ताओं के लिए पूर्व में बनवाया गया वाॅशरूम उपयोग लायक नहीं रह गया है. इसकी मरम्मत का कार्य नगर पंचायत द्वारा संवेदक के माध्यम से पिछले डेढ़ वर्ष से कराया जा रहा है, जो आज तक भी पूर्ण नहीं हुआ है. इससे सबसे अधिक महिला अधिवक्ताओं को टाॅयलेट की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. अधिवक्ताओं ने कहा कि संवेदक की मनमानी चरम पर है, पिछले डेढ़ वर्ष से संवेदक द्वारा वॉशरूम की मरम्मत का कार्य रुक-रुक कर धीमी गति से किया जा रहा है. संवेदक का जब मन करता है कार्य शुरू करवाता है और जब मन करता है कार्य बंद कर देता है. इस मामले को लेकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने कहा नगर पंचायत के इओ से पूर्व में शिकायत भी की, तो उनका जवाब आता है कि कहिएं तो संवेदक को बदल देते है. संवेदक को बदल देना विकल्प नही है, बल्कि वाॅशरूम की मरम्मत का कार्य पूर्ण कराना जरूरी है. अधिवक्ताओं की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जितना जल्द हो सके वॉशरूम की मरम्मत का कार्य पूरा कराया जाये. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीने से इस मामले को लेकर संवेदक व इओ को फोन किया जा रहा है. लेकिन दोनों फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं, जिसका नतीजा है कि अधिवक्ताओं को वॉशरूम की कमी काफी खल रही है. यदि समय से इसकी मरम्मत का कार्य पूर्ण कर दिया गया होता तो अधिवक्ताओं को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता. लेकिन संवेदक व अधिकारी की मनमानी ने अधिवक्ताओं को काफी परेशान किया है. अभी तक तो मौखिक रूप से संवेदक व इओ दोनों लोगों से हम अधिवक्ता आग्रह करते रहे है लेकिन अब यदि ये लोग वाॅशरूम की मरम्मत का कार्य जल्द पूर्ण नहीं कराते हैं, तो कानूनी प्रक्रिया शुरू की जायेगी. # क्या कहते हैं अधिवक्ता – अधिवक्ता सुमैया खान कहती हैं कि वाॅशरूम की मरम्मत का कार्य लंबे समय से हो रहा था, जो अभी तक अपूर्ण है. हम महिला अधिवक्ताओं को सबसे अधिक टाॅयलेट की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. वाॅशरूम में टायलेट की व्यवस्था है, लेकिन मरम्मत के अभाव में बेकार पड़ा है. – अधिवक्ता राजकुमारी कहती हैं कि न्यायालय परिसर में टाॅयलेट की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन साफ सफाई का अभाव रहता है. हमारे संघ के वाॅशरूम की मरम्मत हो जाती, तो उसमें टाॅयलेट की सुविधा भी उपलब्ध है. हम महिला अधिवक्ताओं के लिए काफी अच्छा होता. – अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि डेढ़ साल से ठेकेदार मरम्मत कार्य करवा रहा है. जब मन होता है कार्य शुरु करता है, जब मन बंद करवा देता है. कई बार इओ को भी कहा गया है. हम लोगों को वाॅशरूम के अभाव में काफी असुविधा हो रही है. इओ और संवेदक अब फोन भी नहीं रिसीव करते . – अधिवक्ता सियाराम कहते हैं कि वाॅशरूम की मरम्मत का कार्य कछुआ की गति से होता रहा. सबसे अधिक टाॅयलेट की समस्या का सामना महिला अधिवक्ताओं को करना पड़ता है. इओ का ध्यान एक बार इधर आकृष्ट हो जायेगा, तो समस्या का समाधान हो जाता. # बोले इओ इस संबंध में पूछे जाने पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुधांशु कुमार ने कहा कि 10 दिन में वाॅशरूम में मरम्मत का कार्य पूर्ण हो जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH KUMAR

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