PM Awas: आवास योजना की सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर ठगी शुरू, ठग मांग रहे इतने रुपये
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 10 Nov 2024 4:05 PM
PM Awas: प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम दर्ज करवाने के नाम पर ठग 500 से 2000 रुपया मांग रहे हैं.
PM Awas: प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojna) के चयन को लेकर कर्मियों द्वारा किये जाने वाले सर्वे की भनक लगते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजना की सूची में नाम दर्ज कराने के नाम पर अवैध वसूली का धंधा परवान चढ़ने लगा है. वैसे ग्रामीण जो आवास पाने के योग्य हैं उनसे 500 रुपये और जो अयोग्य हैं उनसे अभी एक से दो हजार रुपये तक सूची में नाम दर्ज कराने के नाम पर लिया जा रहा है.
ग्रामीणों को शक
कुछ ग्रामीणों की माने तो इस अवैध वसूली में कुछ जनप्रतिनिधियों का भी संरक्षण प्राप्त है, जिनके लोग गांव में घूम-घूम कर अभी से ही अपने स्तर पर लोगों की सूची तैयार करने में जुट गये हैं. जबकि, इस सर्वे का कार्य सरकारी कर्मियों द्वारा किया जाना है और इसके लिए केवल आवास सहायक ही नहीं बल्कि एक टीम का गठन होगा, जो वैसे लोगों की पहचान करेंगे जिन्हें पीएम आवास योजना की जरूरत है और वास्तव में वे उसके हकदार हैं.
सेंधमारी करने के प्रयास में बिचौलिए
इस बार प्रशासन द्वारा जो रणनीति बनायी गयी है उससे तो यही स्पष्ट होता है कि इस बार आवास योजना में दलालों व बिचौलियों की दाल नहीं गलने वाली है. लेकिन, अभी से दबे पांव बिचौलिए इस योजना में सेंधमारी कर घुसने की कोशिश करने में जुट गये हैं. भले ही इस योजना का लाभ अपात्र लाभुकों को नहीं मिले, लेकिन वह भी आवास योजना की सूची में अपना नाम अंकित कराने के लिए रुपये देने से तनिक भी परहेज नहीं कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ जो इस लाभ के वास्तविक हकदार हैं वह भी इस शंका में कि कहीं उनका नाम सूची से काट न दिया जाये, इसके शिकार हो रहे हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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