ओडिशा की कंपनी में हादसे में युवक की मौत, गांव पहुंचा शव तो मचा कोहराम

Author Pankaj singh|Edited by Yuvraj Ratan
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उड़ीसा में हादसे में मौत के बाद युवक का डेड बॉडी पहुंचा गांव

मृतक का शव गांव पहुंचा

Kaimur News : ओडिशा की एक निजी कंपनी में क्रेन मशीन पर काम करते समय हुए हादसे में कैमूर जिले के चाके डिहरा गांव के 26 वर्षीय सत्येंद्र कुमार गुप्ता की दुखद मौत हो गई. शव गांव पहुंचते ही परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया, जबकि परिवार में शादी की तैयारियाँ चल रही थीं.

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Kaimur News : ओडिशा की एक निजी कंपनी में कार्य के दौरान हुए हादसे में कैमूर जिले के एक युवक की मौत हो गई. बुधवार को एंबुलेंस से जब युवक का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों की चीख-पुकार सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया. मृतक की पहचान स्थानीय थाना क्षेत्र के चाके डिहरा गांव निवासी रामजी शाह के 26 वर्षीय पुत्र सत्येंद्र कुमार गुप्ता के रूप में हुई है.

क्रेन मशीन पर काम करने के दौरान हुआ हादसा

पड़ोसी दुर्गेश पासवान और श्रीकांत पासवान ने बताया कि सत्येंद्र कुमार गुप्ता ओडिशा की एक कंपनी में क्रेन मशीन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे. 13 जुलाई की दोपहर वह एक हेल्पर के साथ क्रेन मशीन का बूम बदल रहे थे. इसी दौरान कंपनी के ऊपरी हिस्से से एक भारी लोहे की रॉड उनके ऊपर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

शव गांव पहुंचते ही मचा मातम

घटना की सूचना कंपनी के अधिकारियों और साथियों ने मृतक के परिजनों को दी. इसके बाद परिवार में मातम छा गया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंबुलेंस से शव को गांव भेजा गया. मौत के करीब 48 घंटे बाद बुधवार की दोपहर शव झारखंड के रास्ते कैमूर के अधौरा क्षेत्र से होते हुए चाके डिहरा गांव पहुंचा. शव देखते ही परिजन बेसुध होकर रोने लगे. घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदारों, ग्रामीणों और आसपास के सैकड़ों लोग मृतक के घर पहुंच गए.

शादी की चल रही थी तैयारी

ग्रामीणों ने बताया कि सत्येंद्र कुमार गुप्ता चार भाइयों में सबसे छोटे थे. परिवार में उनके विवाह की तैयारी चल रही थी और रिश्तेदारों के बीच इसको लेकर बातचीत भी हो रही थी. अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. समाचार लिखे जाने तक अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं. मृतक के परिजनों ने कंपनी से उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है.

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