कैमूर में गर्मी का कहर, 5वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी 30 जून तक बंद; 6 से 12वीं तक की कक्षाएं सिर्फ सुबह 11 बजे तक

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सांकेतिक तस्वीर

Kaimur Bhabhua School Timings News: कैमूर जिले में भीषण गर्मी और लू के चलते डीएम नितिन कुमार सिंह ने बड़ा आदेश जारी किया है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत 22 जून से 30 जून तक कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे. वहीं, कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई केवल सुबह 11:00 बजे तक होगी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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कैमूर से सुनील पाठक की रिपोर्ट

Kaimur Bhabhua School Timings News: कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ सहित पूरे ग्रामीण इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. कलेक्ट्रेट से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ग्रीष्म अवकाश (गर्मी की छुट्टियों) के बाद स्कूलों के दोबारा खुलने के समय मौसम की अत्यंत गंभीर स्थिति और तीखी लू को देखते हुए जिला दंडाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा आदेश जारी किया है. जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों में छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर तालाबंदी और समय में बड़े बदलाव का फैसला लिया है.

कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी 30 जून तक लॉक

प्रशासन द्वारा जारी किए गए कड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कैमूर जिले के भीतर संचालित होने वाले तमाम निजी, सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध और बिहार बोर्ड के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 5वीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियां आगामी 30 जून तक पूरी तरह से स्थगित रहेंगी. इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के अधीन आने वाले जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी इस निर्धारित अवधि तक पूरी तरह बंद रखे जाएंगे. दोपहर के समय चलने वाली तेज पछुआ हवा और लू के थपेड़ों से मासूम नौनिहालों के स्वास्थ्य को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट ने यह कदम उठाना बेहद जरूरी समझा है.

6 से 12वीं तक सुबह की पाली में होगी पढ़ाई, 11 बजे छुट्टी

जिला पदाधिकारी के आदेश के अनुसार, बड़ी कक्षाओं यानी कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों का संचालन केवल सुबह की पाली (Morning Shift) में ही किया जाएगा. इन सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं के लिए पठन-पाठन का कार्य अधिकतम सुबह 11:00 बजे तक ही संचालित करने की अनुमति दी गई है. विद्यालय प्रबंधनों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे कैंपस में छायादार बैठने की जगह, ठंडे और साफ पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति या तबीयत बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार की दवाएं अनिवार्य रूप से मुस्तैद रखें.

स्कूल बंद रहने पर भी परिसर में उपस्थित रहेंगे शिक्षक

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही छोटे बच्चों के लिए कक्षाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, लेकिन स्कूल के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षिकाएं नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहकर अपनी ड्यूटी निभाएंगे.

इस अवधि के दौरान शिक्षकों को विद्यालय के विभिन्न जरूरी गैर-शैक्षणिक कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसमें नए सत्र के लिए नामांकन अभियान चलाना, छात्र-छात्राओं के अभिलेखों का संधारण करना, विद्यालय विकास राशि का लेखा-जोखा तैयार करना और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का निष्पादन करना शामिल है.

22 जून से लागू होगा आदेश, कड़ाई से पालन करने की चेतावनी

जिला पदाधिकारी ने अपने आधिकारिक पत्र में साफ तौर पर अंकित किया है कि यह नया नियम सोमवार यानी 22 जून से प्रभावी होकर 30 जून तक पूरी तरह से लागू रहेगा.

जिला प्रशासन और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी निजी या सरकारी स्कूल संचालक द्वारा इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ महामारी और आपदा नियमों के तहत सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिले में लगातार बढ़ रहे पारे को देखते हुए इस फैसले का कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर आम अभिभावकों तक ने पुरजोर स्वागत किया है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा और जान सर्वोपरि है.

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Aditya Kumar Ravi

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