बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूबी, कई सड़कों पर आवागमन बाधित

Edited by VIKASH KUMAR
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मूसाखांड़ बांध से शनिवार को 35000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण रविवार को कर्मनाशा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया

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कर्मनाशा. पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार दो दिन हुई झमाझम बारिश से यूपी के मूसाखांड़ बांध से शनिवार को 35000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण रविवार को कर्मनाशा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. इससे कर्मनाशा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने से किसानों कि सैकड़ों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गयी है. नदी का पानी बढ़ने से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है और दुर्गावती प्रखंड अंतर्गत दुर्गावती-ककरैत पथ पर नुआंव के पास, खजुरा-सखेलीपुर पथ, ढड़हर-धनसराय पथ, निपरान गांव पथ पर बाढ़ का पानी बहने लगा है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. दरअसल, पहाड़ी व मैदानी इलाकों में शुक्रवार व शनिवार को लगातार दो दिनों तक झमाझम बारिश हुई. अत्यधिक बारिश के कारण मूसाखांड़ बांध में पानी लबालब भर गया और लतीफशाह वियर से पानी छह फुट ऊपर से ओवरफ्लो होकर कर्मनाशा नदी में गिरने लगा. शनिवार को मूसाखांड़ बांध से 35 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में डिस्चार्ज किया जाने लगा. बांधों से अत्यधिक पानी आने से कर्मनाशा नदी का जल स्तर शनिवार को सुबह 10 बजे से ही बढ़ने लगा और देखते ही देखते देर शाम तक कर्मनाशा नदी पूरी तरह से भर गया था, साथ ही रातभर में कर्मनाशा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रविवार की सुबह कर्मनशा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति हो गयी और पानी तेजी से फैल गया. इसे देख लोगों में भीषण बाढ़ की आशंका बनी है. दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के खजुरा, सरैयां, ढड़हर, कानपुर, धनसराय, लरमा, जमुरनी करारी तथा मसौढा पंचायत के नुआंव व निपरान गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है. वहीं, कर्मनाशा नदी के तटीय इलाके में बाढ़ का पानी घुसने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल भी डूब गयी है. इससे किसानों के सामने पशुओं के लिए चारा आदि की समस्या बढ़ गयी है. जबकि, नदी के किनारे बसे सरैया गांव के पश्चिम तरफ दो घर बाढ़ के पानी में पूरी तरह घिर गये हैं. धूप खिलने से जलस्तर लगा थमने धूप खिलने और निचले इलाके में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रविवार को मूसाखांड़ बांध से केवल 4000 क्यूसेक पानी ही डिस्चार्ज किया जाने लगा. इसके चलते दोपहर होते-होते दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के खजुरा, सरैया सखेलीपुर धनसराय आदि गांवों में जलस्तर थमने लगा, जिससे लोगों में राहत की उम्मीद जगने लगी है. रविवार को मौसम साफ रहने तथा बारिश नहीं होने से ऊपर से बांधों से पानी काफी कम मात्रा में छोड़े जाने जल्द ही लोगों काे राहत मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है. – तीसरी बार क्षेत्र के किसानों की डूबी फसल खजुरा गांव निवासी अरुण सिंह, निपरान गांव निवासी मिथिलेश सिंह सहित कई लोगों ने बताया कि दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के नदी के तटीय इलाके के किसानों की इस वर्ष तीसरी बार फसल डूब कर बर्बाद हुई है. दलहन आदि फसलें तो पहले ही बर्बाद हो चुकी है. इस बार बाढ़ की चपेट में धान की फैसल भी आने से किसानों की चिंता काफी बढ़ गयी है, लेकिन सरकार द्वारा अब तक फसलों का मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है. इसे लेकर किसानों ने सरकार से बर्बाद हुई फसलों की जांच करा उचित मुआवजा देने की मांग की है. –दो दिन झमाझम बारिश के बाद मूसाखांड़ बांध से 35000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कर्मनाशा नदी उफान पर – सरैयां व निपरान में नदी तट के कई घर बाढ़ के पानी से घिरे- दुर्गावती-ककरैत, खजुरा-सखेलीपुर, ढड़हर-धनसराय व निपरान गांव पथ पर बह रहा बाढ़ का पानी

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