न वारंट, न अपडेटेड केस डायरी… फिर IPS नायक को गिरफ्तार करने कैसे पहुंची आंध्र पुलिस? कोर्ट ने जताई नाराजगी

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आईपीएस एम नायक की तस्वीर

Bihar News: एम. सुनील नायक को बड़ी राहत देते हुए पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड अर्जी खारिज कर दी. कोर्ट ने वारंट और आवश्यक दस्तावेजों की कमी पर सख्ती दिखाई.

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Bihar News: आईपीएस अधिकारी एम. सुनील नायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है. पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने पाया कि आंध्र पुलिस तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर पाई. इसके बाद रिमांड देने से इनकार कर दिया गया.

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ट्रांजिट रिमांड पर कोर्ट सख्त

मामले की सुनवाई ACJM-12 की अदालत में हुई. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास न तो वैध गिरफ्तारी वारंट था और न ही अपडेटेड केस डायरी. इस पर अदालत ने नाराजगी जताई. बिना जरूरी दस्तावेजों के रिमांड की मांग को खारिज कर दिया गया.

सूत्रों के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी के कोर्ट पहुंचे थे. अदालत ने उन्हें भी फटकार लगाई. इनमें आंध्र प्रदेश पुलिस के तीन कर्मी शामिल बताए जा रहे हैं.

कोर्ट से निकलते ही समर्थकों ने किया स्वागत

राहत मिलने के बाद आईजी सुनील कुमार नायक कोर्ट परिसर से बाहर निकले. गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनका स्वागत किया. माहौल कुछ देर के लिए उत्साहपूर्ण हो गया.

एम. सुनील नायक फिलहाल बिहार होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज में आईजी के पद पर तैनात हैं. उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है. यह केस आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से जुड़े पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू प्रकरण से संबंधित बताया जा रहा है.

बिहार पुलिस ने किया सहयोग: एसपी

सेंट्रल एसपी भानु प्रताप ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी. इसके बावजूद पटना पुलिस ने शालीनता के साथ सहयोग किया. जब मामला कोर्ट में आया तो अदालत ने ट्रांजिट रिमांड को रिफ्यूज कर दिया.

बचाव पक्ष का आरोप

आईजी नायक के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नियमों की अनदेखी की. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए थे. इस कार्रवाई को चुनौती दी जाएगी. वकील का दावा है कि अदालत ने निर्देश दिया है कि अगले 30 दिनों तक आंध्र प्रदेश पुलिस कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी.

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