न वारंट, न अपडेटेड केस डायरी... फिर IPS नायक को गिरफ्तार करने कैसे पहुंची आंध्र पुलिस? कोर्ट ने जताई नाराजगी

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 23 Feb 2026 4:58 PM

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आईपीएस एम नायक की तस्वीर

Bihar News: एम. सुनील नायक को बड़ी राहत देते हुए पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड अर्जी खारिज कर दी. कोर्ट ने वारंट और आवश्यक दस्तावेजों की कमी पर सख्ती दिखाई.

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Bihar News: आईपीएस अधिकारी एम. सुनील नायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है. पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने पाया कि आंध्र पुलिस तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर पाई. इसके बाद रिमांड देने से इनकार कर दिया गया.

ट्रांजिट रिमांड पर कोर्ट सख्त

मामले की सुनवाई ACJM-12 की अदालत में हुई. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास न तो वैध गिरफ्तारी वारंट था और न ही अपडेटेड केस डायरी. इस पर अदालत ने नाराजगी जताई. बिना जरूरी दस्तावेजों के रिमांड की मांग को खारिज कर दिया गया.

सूत्रों के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी के कोर्ट पहुंचे थे. अदालत ने उन्हें भी फटकार लगाई. इनमें आंध्र प्रदेश पुलिस के तीन कर्मी शामिल बताए जा रहे हैं.

कोर्ट से निकलते ही समर्थकों ने किया स्वागत

राहत मिलने के बाद आईजी सुनील कुमार नायक कोर्ट परिसर से बाहर निकले. गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनका स्वागत किया. माहौल कुछ देर के लिए उत्साहपूर्ण हो गया.

एम. सुनील नायक फिलहाल बिहार होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज में आईजी के पद पर तैनात हैं. उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है. यह केस आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से जुड़े पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू प्रकरण से संबंधित बताया जा रहा है.

बिहार पुलिस ने किया सहयोग: एसपी

सेंट्रल एसपी भानु प्रताप ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी. इसके बावजूद पटना पुलिस ने शालीनता के साथ सहयोग किया. जब मामला कोर्ट में आया तो अदालत ने ट्रांजिट रिमांड को रिफ्यूज कर दिया.

बचाव पक्ष का आरोप

आईजी नायक के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नियमों की अनदेखी की. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए थे. इस कार्रवाई को चुनौती दी जाएगी. वकील का दावा है कि अदालत ने निर्देश दिया है कि अगले 30 दिनों तक आंध्र प्रदेश पुलिस कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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