एनएच-219 भूमि अधिग्रहण, उचित मुआवजे को लेकर किसानों ने भरी हुंकार

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आवासीय व व्यावसायिक भूमि को कृषि बताकर कम मुआवजा देने का लगाया आरोप

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कहा-दोगुनी राशि व सही श्रेणी निर्धारण के बिना नहीं होने देंगे सड़क निर्माण आवासीय व व्यावसायिक भूमि को कृषि बताकर कम मुआवजा देने का लगाया आरोप चांद. प्रखंड अंतर्गत थाने के सामने महावीर मंदिर के प्रांगण में एनएच-219 के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की बैठक की गयी. बैठक में विस्तार से चर्चा करते हुए किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक एनएच 219 बाइपास के लिए दोगुनी राशि नहीं मिलेगी, तब तक सड़क निर्माण कार्य नहीं करने दिया जायेगा. विदित हो कि निर्माण एजेंसी द्वारा भूमि पर लाइनिंग का कार्य शुरू किया गया था, जिसे किसानों द्वारा विगत दिनों रोक दिया गया. इस मुद्दे पर पूर्व में भू-अर्जन विभाग, एनएचएआइ के अधिकारियों व किसानों के बीच वार्ता भी हुई थी. किसानों का कहना है कि जब तक उनकी भूमि का आवासीय व व्यावसायिक श्रेणी के अनुसार उचित भुगतान नहीं होगा, तब तक वे संघर्ष जारी रखेंगे. बैठक में किसानों ने यह गंभीर मुद्दा उठाया कि उनकी आवासीय व व्यावसायिक भूमि को कृषि भूमि के रूप में चिन्हित किया गया है, जो कि सरासर गलत है. इसकी सटीक जांच के लिए भू-अर्जन विभाग द्वारा पांच सदस्यीय टीम गठित करने की मांग की गयी है ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके. इसके लिए विभाग से संपर्क कर कमेटी गठन हेतु पहल की जायेगी. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगली बैठक 17 मई 2026 को इसी प्रांगण में होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जायेगी. इस अवसर पर अभिमन्यु सिंह, सुनील पांडे, शैलेश कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, विकास पांडे, रियाज अहमद, धर्मदेव शर्मा व लल्लन सिंह सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे.

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Vikash Kumar

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