छह माह से मानदेय नहीं मिलने से जवाब दे रहा सफाई कर्मियों का उत्साह कचरा डब्बा हटने से बाजार व गांवों में बढ़ी परेशानी चांद. स्वच्छ भारत मिशन व लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत विगत दिनों व्यापक अभियान चलाया गया था. उस दौरान सभी विभागों के कर्मी व पदाधिकारी काफी सक्रिय दिखे थे. सभी घरों में शौचालय बनवाये गये, जिसका असर भी दिखा और खुले में शौच करने वालों की संख्या में काफी कमी आयी थी. बड़े बड़े समारोह आयोजित कर प्रखंड व पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया था. हालांकि, वर्तमान समय में सड़कों पर गंदगी फैलने से स्थिति फिर से खराब हो गयी है. इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है. दूसरी ओर पंचायतों में कचरा उठाव के लिए गाड़ी, सफाई कर्मी व चालक मौजूद हैं, लेकिन समय से मजदूरी का भुगतान नहीं होने के कारण साफ सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे लोगों को काफी समस्या झेलनी पड़ रही है. गांवों में सभी घरों को कचरा रखने के लिए डब्बा दिया गया था. शुरुआत में कचरे का नियमित उठाव भी किया गया, लेकिन अब यह कार्य लगभग बंद हो गया है. चांद बाजार में कचरा रखने के लिए कई स्थानों पर डब्बा रखा गया था, जिसे बाद में हटा लिया गया. इसके कारण बाजार का कचरा लोग जहां तहां फेंकने को मजबूर हैं. लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत सभी गांवों में सफाई कर्मियों का चयन किया गया था, जो घरों व बाजारों से नियमित कचरा उठाव करते थे. लेकिन सफाई कर्मी, चालक व अन्य कर्मियों को जून 2025 तक का ही मानदेय मिला है. इसके बाद भुगतान नहीं होने से कर्मियों का उत्साह घट गया है और साफ सफाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. इस संबंध में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि जून 2025 तक का मानदेय दिया गया है. शेष राशि की मांग विभाग से की गयी है. समय से भुगतान नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.
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