चटख धूप से ठंड का कहर हुआ कम, खेत से शहर तक लौटी रौनक भभुआ सदर. जिले में पिछले 10 दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड व कनकनी के बाद शनिवार को एक सुबह से निकली चटख धूप ने लोगों को काफी राहत पहुंचायी. धूप निकलते ही सड़कों से लेकर मकानों के चबूतरों, छज्जों व छतों पर लोगों की भीड़ नजर आने लगी. हालांकि, दिन में भी ठंडी हवा चलने के कारण लोग धूप में शाल ओढ़कर बैठे दिखे और मफलर व टोपी बांधे रहे. शनिवार की सुबह भी कुहासा व ठंड का असर बना रहा, लेकिन जैसे ही आठ बजे के बाद चटख धूप खिली, लोगों को ठंड से राहत मिलने लगी. शनिवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई, वहीं न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस से बढ़कर नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. एक सुबह से ही आसमान में सूर्यदेव पूरी शिद्दत के साथ चमकते नजर आये. पिछले दस दिनों से चल रही बर्फीली हवा व घने कोहरे के असर को चटख धूप ने काफी हद तक कम किया. मौसम के इस बदले मिजाज से ठंड से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली. इधर, मौसम खुलते ही बच्चों व युवाओं ने जमकर मस्ती की. ठंड के चलते छुट्टी होने के कारण शहर के जगजीवन स्टेडियम, टाउन हाईइस्कूल, हवाई अड्डा व पटेल कॉलेज का मैदान क्रिकेट व खेलकूद से गुलजार रहा. वहीं, छतों व खुले मैदानों में जमकर पतंगबाजी भी हुई. शनिवार को शहर की सड़कें धूप की चमक के साथ गुलजार हो उठीं. पाला पड़ने की आशंका से सशंकित किसानों ने भी धूप खिलते देख राहत की सांस ली. धूप निकलने से नौकरी पेशा लोगों, दिहाड़ी मजदूरों व किसानों ने खासी राहत महसूस की. दोपहर 12 बजे के बाद गुनगुनी धूप निकलने पर घरों के बाहर बुजुर्ग महिला व पुरुष कुर्सियां लगाकर धूप सेंकते नजर आये, वहीं सड़कें पूरे दिन चहल पहल से भरी रहीं. धूप खिलते ही सार्वजनिक स्थलों पर भी रौनक लौट आयी. मौसम साफ होने से खेत व खलिहान में भी गतिविधियां बढ़ गयीं. कृषि वैज्ञानिक अमित कुमार ने बताया कि धूप खिलने से ठंड से राहत जरूर मिली है, लेकिन यह स्थायी नहीं है. आनेवाले दिनों में भी कुहासा व शीतलहरी का प्रकोप जारी रह सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

