कैमूर के रामगढ़ थानेदार को आया एक मिस्ड कॉल और खुला चार की हत्या राज, जानिए पूरी कहानी

Published by : raginisharma Updated At : 21 May 2026 2:18 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव में हुए सनसनीखेज चारहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. एक मिस कॉल और फेसबुक फोटो के जरिए पुलिस आरोपित तक पहुंची. मामले में मृतक के भाई विकास गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है.

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Bihar News: भाई, भाभी व उसके दो बच्चों की हत्या करने के अगले दिन विकास गुप्ता महाराष्ट्र के औरंगाबाद चला गया. इसके बाद उसने अचानक पुलिस के मोबाइल पर मिस्ड कॉल किया. वह जानना चाहता था कि शव मिले कि नहीं. लेकिन, पुलिस ने जब उसके मोबाइल के कॉल डिटेल्स निकाले, तो पता चला कि हत्या के दिन वह गांव में ही था. शव की पहचान के बहाने पुलिस ने बुलाया. पुलिस को शक होने की भनक पर उसने ट्रेन में मोबाइल बंद कर लिया. लेकिन, पुलिस कॉल ट्रेस कर उसे पकड़ लिया, जिसके बाद हत्याकां का राज खुला.

रामगढ़ के डहरक गांव में कृष्ण मुरारी गुप्ता के पूरे परिवार की भाइयों ने हत्या कर दी गयी थी़ इस मामले में रोज नये खुलासे हो रहे हैं. पुलिस इसे ब्लाइंड केस था. हत्याकांड की एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस को कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा था. पुलिस दो जगह पर टुकड़े-टुकड़े में बगैर सिर के मिले लाश की पहचान में हर तरह से प्रयास कर रही थी, कोई सुराग नहीं मिल रहा था. लेकिन अचानक 14 मई की रात रामगढ़ थानेदार के सरकारी नंबर पर एक मिस्ड कॉल आया, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया. लेकिन थोड़ी देर बाद फिर इस नंबर से इस बार काॅल आया, लेकिन उठाने से पहले ही कट गया. इस बार पुलिस को शक हुआ. पुलिस ने उस नंबर पर कॉल लगाया, लेकिन उधर फोन नहीं उठा. इससे पुलिस का शक और पुख्ता हुआ. इसके बाद पुलिस उस नंबर पर बार-बार कॉल करने लगी. 15 मई को उस नंबर पर जब फोन किया जा रहा था तब एक बार फोन उठाया गया और उधर से बताया गया कि मैं रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव का रहने वाला विकास गुप्ता हूं. मैं महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रहकर काम करता हूं. मुझे मेरे भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता से पिछले कई दिनों से बातचीत नहीं हो रही है और उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है. इधर विकास गुप्ता से बात होने के बाद पुलिस के कान खड़े हो गये. पुलिस तत्काल डहरक गांव में कृष्ण मुरारी गुप्ता के घर पहुंची, जहां ताला लटका था. विकास गुप्ता की सूचना पर जब पुलिस ने पड़ताल की, तो पता चला कि कृष्ण मुरारी गुप्ता पिछले छह या सा मई से गायब है. इसके बाद पुलिस का शक विश्वास में बदल गया.

घटना के दिन विकास के मोबाइल का लोकेशन डहरक में मिला

विकास के मोबाइल पर फोन कर पुलिस ने कहा कि वह जल्दी से किसी भी ट्रेन को पड़कर रामगढ़ आ जाये और पहचान करें कि जो लाश किसकी है. वह कृष्ण मुरारी गुप्ता की ही है क्योंकि इस बीच जब पुलिस ने जिस नंबर से विकास गुप्ता फोन कर रहा था उसके मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल और लोकेशन निकाला तो यह पता चला कि वह सात मई तक डहरक गांव में ही था और आठ मई को वह महाराष्ट्र गया है. पुलिस को विकास गुप्ता पर शक हुआ और उसे लाश को पहचान करने के बहाने रामगढ़ बुलाने लगी विकास गुप्ता रामगढ़ नहीं आना चाहता था लेकिन पुलिस को उसे पर शक ना हो इसलिए वह आने को तैयार हो गया. वह रामगढ़ आ रहा था. इसी दौरान उसने ट्रेन में ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया. लेकिन पुलिस भी उसके मोबाइल के लोकेशन के आधार पर रामगढ़ पहुंचने से पहले उसे धर दबोचा. पूछताछ में उसने पुलिस को बरगलाने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती के बाद उसने हत्याकांड का राज खोला. इसके बाद उसके निशानदेही पर कृष्ण मुरारी गुप्ता एवं उसके पत्नी का सिर बरामद किया गया.

फेसबुक से हुई कृष्ण मुरारी गुप्ता की पहचान

पुलिस कृष्ण मुरारी गुप्ता के घर गयी और पूरे परिवार के साथ वहां गयी जहां बोरे से एक पुरुष का लाश मिला था. वह शर्ट पहने हुए था. उस शर्ट के कलर से कृष्ण मुरारी गुप्ता का फेसबुक खोलकर जब उसका फोटो देखा गया तो पाया पुलिस ने कि वह कई जगहों पर उस शर्ट के साथ फोटो खिंचवाकर अपने फेसबुक आइडी पर अपलोड किए हुए हैं. जो शर्ट लाश के बोरा से बरामद किया गया था वह शर्ट जब कृष्ण मुरारी गुप्ता के फेसबुक आइडी पर कई जगह पर पहने हुए देखा गया. इससे पता चला कि लाश कृष्ण मुरारी गुप्ता एवं उसके परिवार का ही हैं.

घर में चार लाशों को रख कर प्रत्यक्षदर्शी सुभाष की पत्नी को मायके छोड़ने गया था विकास

विकास गुप्ता ने स्वीकार किया कि भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता एवं उसके परिवार की हत्या की है. उसने बताया कि अपने मित्र दीपक एवं भाई गौतम के साथ मिलकर कृष्ण मुरारी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की थी. इसके बाद कृष्ण मुरारी गुप्ता की पत्नी दुर्गेश कुमारी चिल्लाने लगी और छत पर जाने की कोशिश की. पकड़े जाने के कारण हमने उसकी भी हत्या कर दी. इसके बाद जब उसका बेटा और बेटी स्कूल से लौटा तो वह भी लाश देखकर चिल्लाने लगा. इसे देखकर हमें लगा कि किस मुरारी का लड़का एवं लड़की गांव वालों को बता देंगे और हम पकड़े जायेंगे. इसलिए हमने दोनों की हत्या कर दी. हालांकि दीपक राजपूत जो महाराष्ट्र से हत्या में सहयोग करने के लिए विकास के साथ आया था वह कृष्ण मुरारी और उसकी पत्नी की हत्या के बाद ही गांव से महाराष्ट्र के लिए चला गया था. वह मुरारी के बच्चों के हत्या के वक्त वह मौजूद नहीं था. उनकी हत्या विकास और गौतम नहीं मिलकर की थी. लेकिन इन सभी हत्याओं को मां प्रेमलता देवी और विकास एवं दूसरा भाई सुभाष गुप्ता जो की हैदराबाद में काम करता था, उसकी पत्नी भी प्रत्यक्षदर्शी थी. उन्हें भी विकास ने यह कह कर डरा दिया कि अगर उन्होंने किसी को कुछ भी इसके बाबत बताया तो वह उनकी भी हत्या कर देगा यहां तक कि सुभाष की पत्नी को वह इस हत्याकांड के बाबत अपने पति को भी बताने से मना कर दिया और फिर 7 मई की सुबह में चार लोगों की हत्या करता है और उनकी लाश को घर में ही रखता है और इस बीच सुभाष गुप्ता से उसकी पत्नी का विदाई उसके मायके करने की बात को उसे नुआंव पहुंचा देता है विकास के सर पर मौत का ऐसा भूत सवार था कि वह घर में चार लोगों की लाश रखकर सुभाष गुप्ता की पत्नी को उसके मायके पहुंचा देता है घर के सभी लोगों को यह कह देता है कि अगर वह इस हत्याकांड के बाबत कहीं कोई चर्चा करते हैं तो वह किसी को जिंदा नहीं छोड़ेगा सभी लोगों ने अपनी आंखों से विकास गुप्ता एवं गौतम गुप्ता के द्वारा घर में किए गए मौत के तांडव को देखा था इसीलिए सभी डरे हुए थे इसका नतीजा था कि जब सुभाष गुप्ता की पत्नी मायके चली भी गयी.

नौ और 12 मार्च को विकास और सुभाष गुप्ता की हुई थी शादी

पुलिसिया पूछताछ में अभी बात सामने आया कि विकास गुप्ता एवं सुभाष गुप्ता की शादी बीते 9 एवं 12 मार्च को हुई थी अभी उन दोनों की पत्नियों के हाथ की मेहंदी भी नहीं छुट्टी थी कि उन्होंने अपने ससुराल के आंगन में मौत का ऐसा तांडव देखा जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी हत्याकांड को अंजाम देने के बाद विकास अपनी पत्नी को लेकर महाराष्ट्र के औरंगाबाद चला गया था और इधर सुभाष गुप्ता की पत्नी को मायके पहुंचा दिया था दोनों नई नवेली दुल्हन थी बड़ी बात यह है कि दोनों अभी नाबालिग है इन नाबालिगों के सामने ही घर में चार लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या की गई इस हत्या ने उन्हें भी बुरी तरह से डरा दिया है पुलिस के सामने उक्त दोनों ने बताया कि वह डर के मारे उक्त हत्याकांड के विषय में किसी को नहीं बताए हैं शादी के 2 महीने बाद ससुराल में जहां उन्हें सजाने और संवारने का समय था हालात ने ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी है कि उक्त दोनों अभी पुलिस की गिरफ्त में है.

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