Kaimur News : लोन के केसों में संवेदनशील रूख अपनाएं बैंक अधिकारी : जिला जज

शनिवार को व्यवहार न्यायालय के नये परिसर में जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अनुराग ने राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबे समय से मुकदमा लड़ रहे पक्षकारों को नि:शुल्क व शीघ्र न्याय दिलाना है.
भभुआ. शनिवार को व्यवहार न्यायालय के नये परिसर में जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अनुराग ने राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबे समय से मुकदमा लड़ रहे पक्षकारों को नि:शुल्क व शीघ्र न्याय दिलाना है. उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों व बैंकों को लोक अदालत में अधिकतम संवेदनशील, उदार व लचीला रुख अपनाकर मुकदमों के निस्तारण तथा पक्षकारों को सुलभ न्याय दिलाने में सहायक होना चाहिए. साथ ही न्यायाधीश धर्मेंद्र तिवारी ने महिला दिवस पर महिला जज हेमा कुमारी व कृतिका द्विवेदी को उद्घाटन समारोह में शामिल करने के कार्य की प्रशंसा की. इस मौके पर जिला अधिवक्ता संघ के रविंद्र नाथ चौबे, अधिवक्ता संघ के महासचिव मंटू पांडेय सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे. कार्यक्रम में सेवा प्राधिकार के सचिव सब जज सुमन सौरभ, न्यायाधीश हर्षवर्धन, न्यायिक दंडाधिकारी नीरज पांडेय, एसजीएम सुशील श्रीवास्तव, आशीष चंद्रा, पुष्पेश शर्मा, रेड क्राॅस के सचिव प्रसून मिश्र आदि उपस्थित थे. इनसेट सुलह व समझौता से वादों का किया गया निबटारा फोटो 37 लोक अदालत में अपने अपने मामलों का निपटारा कराने के लिये आये लोग भभुआ कोर्ट. राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज अनुराग जी, एडीजे धर्मेंद्र तिवारी एसीजेएम हेमा कुमारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुमन सौरभ, जिला अधिवक्ता संघ भभुआ के अध्यक्ष रविंद्रनाथ चौबे, महासचिव मंटू पांडे द्वारा दीप जला कर किया गया. जिला जज अनुराग जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन लंबे समय से लंबित मुकदमों का सुलह के साथ त्वरित निष्पादन के लिए किया जाता है, इसमें बैंक को लोन के केस में संवेदनशील और लचीला रुख अपनाने को कहा गया. इस दौरान लोक अदालत का संचालन प्रसुन मिश्रा द्वारा किया गया. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नयी दिल्ली के निर्देशानुसार अधिक-से-अधिक मुकदमे के निष्पादन हेतु 12 बेंचों का गठन किया गया था. राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी तरह के सुलहनीय वादों का निष्पादन आपसी सुलह व समझौता के आधार पर किया गया. इस लोक अदालत में परिवार न्यायालय से संबंधित विवाद, एमएसीटी क्लेम, एमभी क्लेम, फौरेस्ट केस, बैंक संबंधित केस, सर्टिफिकेट केस, वेट एंड मेजरमेंट संबंधित हजारों केसों का निबटारा किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत में हजारों मुकदमे के निष्पादन के साथ करोड़ों रुपये के राजस्व की भी वसूली की गयी. लोक अदालत में समस्त न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पीएलभी व पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे.
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