ये चैनपुर का प्राइमरी स्कूल है, नाले में डूबा, 245 बच्चे बैठे घर पर

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चैनपुर : चैनपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, जगरिया में कई दिनों से नाली का गंदा पानी जमा है. जिसके कारण इस विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित है और मध्याह्न भोजन भी बंद है. ऐसे में स्कूल में पढ़नेवाले 245 बच्चे घर पर बैठे हैं. दरअसल जगरिया गांव में स्थित इस विद्यालय में गांव के ही सैकड़ों […]

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चैनपुर : चैनपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, जगरिया में कई दिनों से नाली का गंदा पानी जमा है. जिसके कारण इस विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित है और मध्याह्न भोजन भी बंद है. ऐसे में स्कूल में पढ़नेवाले 245 बच्चे घर पर बैठे हैं. दरअसल जगरिया गांव में स्थित इस विद्यालय में गांव के ही सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं.

गांव से निकली नाली विद्यालय परिसर से होते हुए जाती है. इस नाली में अवरोध होने व बारिश के कारण जलजमाव से ये नाली ओवर फ्लो होकर स्कूल के परिसर को जलमग्न कर चुकी है. आलम यह है कि विद्यालय तक जानेवाली गली पूरी तरह पीसीसी ढलाई है. इसके बावजूद विद्यालय तक पहुंचना सबके लिए टेढ़ी खीर है. खासकर शिक्षिकाओं के लिए, तो बड़ी परेशानी है. क्योंकि, नाली के पानी के साथ आयी मिट्टी विद्यालय के गेट के सामने ही जमा हो गयी है. इससे वहां कीचड़ पैदा हो गया है. विद्यालय पहुंचने के लिए शिक्षकों को जूता निकलना पड़ता है.

अब देखना यह है कि इस विद्यालय तक अधिकारी कब आते है, जिससे इस विद्यालय का पठन-पाठन सुचारु रूप से चल सके.स्कूल के कमरों तक पहुंचा गंदा पानीप्रखंड मुख्यालय से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित यह विद्यालय पूरी तरह नाला में तब्दील हो गया है. नाली के पानी से पूरा विद्यालय परिसर जलमग्न हो गया है. जमा पानी से पैदा बदबू से विद्यालय के शिक्षक, बच्चों सहित गांव के लोग भी परेशान हैं. इस गंदे पानी के जमाव से विद्यालय के प्रधानाध्यापक कक्ष सहित सभी वर्ग कक्षों में गंदा पानी घुस गया है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने पंचायत से लेकर जिलाधिकारी तक को विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित होने की सूचना आवेदन के जरिये दी है. आवेदन देने के बाद भी अभी तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास इतनी भी फुरसत नहीं कि विद्यालय को प्रभावित करने वाले कारणों को देखा जाये.

पहले भी स्कूल में लटक चुका है विद्यालय में ताला यह विद्यालय में नाली का पानी के जमा होने के पहले भी बंद रह चुका है. इसी वर्ष फरवरी-मार्च महीने में एक महीना से भी अधिक समय तक यह विद्यालय बंद था. उस समय भी प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार ने इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को दी थी. आवेदन देने के एक महीने बाद भी विद्यालय तक आने की जहमत किसी भी अधिकारी ने नहीं उठायी. थक हार कर प्रधानाध्यापक ने ही गांव के लोगों के साथ बैठक कर समस्या का हल निकला. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कृष्णानंद मिश्र ने बताया कि विद्यालय में जलजमाव के कारण पठान-पाठन प्रभावित होने की सूचना प्राप्त हुई है. जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जायेगा.

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