पुलिस पर हमला मामले में 10 लोग हिरासत में

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पुलिस पर हमला मामले में 10 लोग हिरासत मेंप्रतिनिधि4मोहनिया (सदर/ नगर) थाना क्षेत्र के मामादेव गांव में गुरुवार को पुलिस पर हुए हमले में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस गांव में कैंप कश्र रही है. गौरतलब है कि गुरुवार को दामाद की मौत के बाद लड़की के पिता व भाई गांव […]

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पुलिस पर हमला मामले में 10 लोग हिरासत मेंप्रतिनिधि4मोहनिया (सदर/ नगर) थाना क्षेत्र के मामादेव गांव में गुरुवार को पुलिस पर हुए हमले में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस गांव में कैंप कश्र रही है. गौरतलब है कि गुरुवार को दामाद की मौत के बाद लड़की के पिता व भाई गांव पहुंच दहेज में दिये गये सामान को लेने पहुंचे. उन्हें घर वालों ने बंधक बना खूब पिटा. इसके बाद जब पुलिस पहुंची तो उन्हें भी ग्रामीणों ने नही बख्सा और पुलिस पर हमला बोल दिया बाद में पुलिस को गोलियां चलानी पड़ी. गौरतलब है कि विगत 26 अप्रैल की रात 22 वर्षीय महाबली पासवान अपने छत पर सोया हुआ था कि आधी रात के समय तेज आंधी आयी और नीचे उतरने के दौरान आंगन मे लगें चापाकल पर गिर पड़ा, जिससे उसके सिर मे गंभीर चोट आयी और उसकी मौत हो गयी. पुलिस सूचना पाकर पहुंची और शव को अपने कब्जे मे कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.थाना पर मृतक के पिता ने बयान दिया था कि उसके पुत्र की मौत चापाकल पर गिरने से हुई है.घटना के लगभग डेढ़ माह बाद विवाहिता के पिता को बुलाकर ससुराल वालों ने मृतक की पत्नी रिंकी कुमारी व उसकी तीन माह की बेटी को छोड़ने की बात कही. इस पर मायके वाले तैयार हो गये और अनुमंडल कोर्ट मे लिखा-पढ़ी होने के बाद विवाहिता के पिता कामेश्वर पासवान उसे लेकर अपने गांव वन के बहुअरा चले गये. रिंकी की शादी जून 2015 मे हुई थी. इधर ससुराल वालों ने फोन पर रिंकी के पिता को कहा कि दहेज में दिये गये सामान को ले जाइये. इस पर कामेश्वर पासवान अपने भांजे के साथ मोहनिया में घर बनाकर रह रहें बंगाली पासवान के घर पहुंचे और वहां से भोजन करने के बाद मामादेव पहुंचे. जैसे ही संजय पासवान के दरवाजे पर पहुंचे कि घर वाले अंदर से बक्सा निकाल फेंकने लगे और इन दोनों को पकड़ कर नीम के पेड़ में उलटा लटका दिया और डंडा से यह कहते हुए पिटने लगे कि उनकी बेटी ने लड़के की हत्या चाकू मार कर करवायी थी. मृतक के घर वालों ने एसपी के मोबाइल पर सूचना दी कि डकैत कोपकड़ रखा है. एसपी ने थानाध्यक्ष को फोन कर उक्त गांव पहुंचने का आदेश दिया. थानाध्यक्ष मनोज कुमार के निर्देश पर गश्ती में निकलें एएसआई उमेश प्रसाद जब तीन जवानों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और बंधकों को मुक्त कर थाना ले जाने की बात कही, तो ग्रामीण उनसे उलझने लगे. हालांकि उन्होंने सूझ बूझ का परिचय देते हुए किसी तरह बंधकों को बचाया. मामला बिगड़ते देख उन्होंने थानाध्यक्ष व डीएसपी को सूचना दी. पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर थानाध्यक्ष मनोज कुमार व डीएसपी मनोज राम के पहुंचते ही उग्र ग्रामीण उन पर टूट पड़े और पुलिस कर्मियों की राइफले छीनने की कोशिश करने लगे. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिसबल घटना स्थल पर पहुंच गये. दोपहर बाद 3:25 पर दंगा नियंत्रण की दो गाड़ियां पहुंचीं. पुलिस ने किया फ्लैग मार्चगांव मे शांति व्यवस्था व दबिश बनाने के लिए डीएसपी व थानाध्यक्ष ने जवानों के साथ गांव में फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति कायम रखने की अपील की.हिरासत में लिए गये लोगों 1. मनोज सिंह यादव 2. प्रकाश सिंह यादव 3. सुदर्शन सिंह यादव 4. लव कुश सिंह 5. दिलीप कुमार साह 6. संतोष सिंह7. नीतीश सिंह यादव 8. राकेश ठाकुर 9. मिथिलेश कुमार सिंह 10. राहुल सिंहक्या कहते हैं डीएसपीडीएसपी मनोज राम ने पुलिस फायरिंग से इनकार करते हुए कहा कि ग्रामीणों की तरफ से गोली चलने जैसी आवाज आयी थी. वीडियो फुटेज देखा जा रहा है. लगभग 100 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जायेंगी.

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