आम खाइए, पर खरीदने से पहले परख तो लीजिए

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भभुआ(सदर) : गरमी के मौसम में रसीले आम हर किसी को पसंद है. भला पसंद क्यों न हो, फलो का राजा जो है. लेकिन, जरा सावधान भी हो जायें. आम खरीदने से पहले थोड़ा चेक कर लें कि आम ठीक तो है. जी हां, इन दिनों बाजार में समय से पहले ही कई आम बिक […]

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भभुआ(सदर) : गरमी के मौसम में रसीले आम हर किसी को पसंद है. भला पसंद क्यों न हो, फलो का राजा जो है. लेकिन, जरा सावधान भी हो जायें. आम खरीदने से पहले थोड़ा चेक कर लें कि आम ठीक तो है. जी हां, इन दिनों बाजार में समय से पहले ही कई आम बिक रहे हैं.
शहर की मुख्य सड़क हो या बाजार इन दिनों सभी जगह आम ही आम दिख रहे हैं. इनमें से कई आम ऐसे हैं, जिनको तोड़ने का समय अभी माह भर दूर है, लेकिन व्यापारी पैसे कमाने के चक्कर में समय से पूर्व ही आम को तोड़ कर या फिर बाहर से मंगा कर उसे रसायनिक दवा देकर पका रहे हैं. फिर इसी हानिकारक रसायन वाले आम को बाजार में लोगों के लिए उतारा जा रहा है. ये आम हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं. बाजार में इस समय आम ऊपर से जितने सुंदर दिखते हैं उतने ही खाने पर खतरनाक है, फिर भी लोग रसायनिक आम का प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे.
जब जांच होती ही नहीं, तो मिलावट लाजिमी है : इन दिनों शहर के बाजार में मिलावट वाले व केमिकल युक्त सामान व फल धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं. लेकिन, बाजार में बिकते खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता जांच शायद ही कभी होती है.
वैसे तो जिले में फूड निरीक्षक की तैनाती की गयी है, लेकिन जिला बनने के बाद से आज तक शायद ही लोगों ने फूड निरीक्षक सहित अन्य कर्मचारियों को मिलावटी सामानों व केमिकल युक्त फलों की जांच करते देखा हो. फूड निरीक्षक का कार्यालय कहा है और वह कहां बैठते हैं, शायद इसकी भी जानकारी लोगों को नहीं है और जब प्रशासनिक जांच ही नहीं होती, तो दो पैसे अधिक के लिए व्यापारी व दुकानदार आखिर मिलावट क्यों न करें.
लोहा पिघलाने में काम आता है कार्बाइड
इन दिनों जिस कैल्शियम कार्बाइड से पका कर आम को बाजार में बेचा जा रहा है. वह केमिकल किस कार्य में आता है यह आपको हम बता रहे. कैल्शियम कार्बाइड से ही लोहे को पिघलाया जाता है. कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल वेल्डिंग करने वाले ऑक्सीजन के साथ लोहे को गलाने में करते हैं. सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ प्रेम राजन कहते हैं कि जिस कर्बाइड से लोहा पिघलाया जाता है उससे कच्चे आम को तैयार करने पर फलों के खनिज नष्ट हो जाते हैं. ऐसे फल शरीर में गरमी उत्पन्न करते हैं. कार्बाइड से पके फलों को लगातार खाने से लीवर की बीमारियां, लकवा, कैंसर व दिव्यांगता इत्यादि हो सकते हैं. खास कर पेट संबंधी बीमारी अधिक होती है. इस समय कार्बाइड वाले आम खाने से पेट खराब व गैस की परेशानी हो सकती है.
आइए, जानें कैसे बीमार करते हैं कर्बाइड वाले आम
बाजार में इन दिनों कार्बाइड से पकाये गये आम धड़ल्ले से बिक रहे हैं. कार्बाइड से पकाये गये आम शरीर के लिए काफी खतरनाक हैं. इससे कई प्रकार की बीमारी की संभावना बनी रहती है.
खास कर कार्बाइड युक्त आम के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां अधिक होती हैं. गौरतलब है कि इन दिनों ज्यादातर फलों के व्यापारी कैल्शियम कार्बाइड से आमों को पका कर बेच रहे हैं. कार्बाइड से फल पक कर जल्दी तैयार हो जाते हैं और देखने मे ये ताजा व पीला लगते है, लेकिन कार्बाइड से निकलने वाली एसीटिलीन गैस जहरीली होने की वजह से सेहत पर बुरा प्रभाव डालती है. एसीटिलीन गैस जब पानी में घुलती या इसके संपर्क में आती है तो रसायनिक क्रिया के कारण विनायल अल्कोहल और एसीटल्डिहाइड रसायन बनाती है. ये दोनों ही शरीर व स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है.
कई देशी आम उपलब्ध
बिना मौसम के भी बाजार में कई आम मौजूद हैं. यहां मालदह, चौसा या फिर लंगड़ा कई प्रकार के देशी आम आपको बाजार में उपलब्ध है. लेकिन, इन आमों का न तो अभी पकने का समय आया है और न ही तोड़ने का, पर दुकानदार व व्यापारी इसे बाहर से या फिर गांव देहात से खरीद कर समय से पूर्व ही बाजार में उतार रहे हैं. वर्तमान में बाजार में इन आमों की कीमत 60 रुपये से 80 रुपये किलो है.
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