प्रशांत हत्याकांड की तरह उलझी गुत्थी, परिजन बेहाल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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भभुआ कार्यालय : विगत दो सितंबर को कुदरा स्थित ब्लोशम स्कूल में आदित्य नामक छात्र का मौत मामला कुदरा के ही प्रशांत हत्याकांड की तरह अनसुलझी पहेली बनती जा रही है. इस तरह से घटना के लगभग चार साल बीत जाने के बावजूद कुदरा के प्रशांत हत्याकांड के गुत्थी व हत्यारों का पता लगाने में पुलिस विफल रही.

उसी तरह से ब्लोशम स्कूल के छात्र व अपने मां बाप का इकलौता संतान आदित्य के मौत के नौ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस को कुछ भी सुराग हाथ नहीं लग सका है. हालांकि, पुलिस बार-बार उक्त हत्याकांड के गुत्थी जल्द सुलझा लेने की दावा कर रही है. लेकिन, नौ दिनों बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली है.
मां का आरोप -11 साल का बच्चा कैसे अपने से लगा सकता है फांसी का फंदा : ब्लोशम स्कूल में मरे छात्र आदित्य का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो बातें सामने आयी है, उसमें कहा गया है कि छात्र आदित्य की मौत फांसी के फंदे पर झूलने से हुई है.
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि छात्र आदित्य को किसी के द्वारा जबरन हत्या करने के नियत से फांसी के फंदे पर लटका कर मार दिया गया या वह खुद ही फांसी के फंदे पर झूल गया. आदित्य की मां का कहना है कि यह कैसे संभव है कि 11 साल का पांचवीं क्लास में पढ़नेवाला बच्चा स्वयं फांसी लगा लें. मां लक्ष्मीना व पिता ओमप्रकाश राय का कहना है कि आदित्य की हत्या की गयी है और आठ दिन बाद भी पुलिस हत्यारों का पता लगाने में विफल है.
जैसे-जैसे बीत रहा है समय, प्रशांत हत्याकांड की याद दिला रहा है आदित्य की मौत का मामला : जैसे-जैसे आदित्य के मौत मामले का उदभेदन होने में विलंब हो रहा है. वैसे वैसे लोगों को कुदरा के प्रशांत हत्याकांड की याद आ रही है.
इसी तरह से प्रशांत हत्याकांड के बाद पुलिस जल्द से जल्द मामले का उदभेदन करते हुए हत्यारों के गिरफ्तारी का दावा करती रही. लेकिन, चार साल बीत जाने के बावजूद हत्याकांड का उदभेदन नहीं हो सका. उसी तरह से आदित्य की मौत हुए नौ दिन बीत गये लेकिन, बहुत जल्द उदभेदन का दावा के अलावे पुलिस के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है.
परिजनों का टूटता जा रहा है धैर्य
आदित्य के माता पिता सहित अन्य परिजनों का धैर्य टूटता जा रहा है. उनका कहना है कि पुलिस से हत्याकांड के उदभेदन व हत्यारों को पकड़ने के बाबत जब भी पूछा जाता है तो एक दो दिन में मामले का उद्भेदन करते हुए हत्याकांड के उद्भेदन का दावा करती है. लेकिन, कुछ भी सामने नहीं आता है. धीरे धीरे उनका विश्वास स्थानीय पुलिस पर से उठता जा रहा है. परिजन अब उक्त मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं.
हत्यारों ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग
कुदरा थाना क्षेत्र के भटौली के रहनेवाले ओमप्रकाश व लक्ष्मीना देवी का आदित्य इकलौता बेटा था. इसकी हत्या कर हत्यारों ने ओमप्रकाश व लक्ष्मीना के घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया. इससे पहले ओमप्रकाश व लक्ष्मीना के एक और बेटे की सांप काटने से मौत हो गयी थी.
उसके मौत के बाद ओमप्रकाश व लक्ष्मीना आदित्य को अपने बुढ़ापे का लाठी मानते हुए जीवन जी रहे थे. लक्ष्मीना उसी ब्लोश्म स्कूल में पढ़ाती थी. तीज का त्योहार होने के कारण जिस दिन आदित्य की मौत हुई उस दिन लक्ष्मीना छुट्टी पर थी.
क्या कहते हैं एसपी
उक्त मामले में पूछे जाने पर एसपी दिलनवाज अहमद ने कहा कि परिजनों द्वारा जिन्हें नामजद आरोपित बनाया गया है. उनके ठिकानों पर छापेमारी की गयी है. सभी लोग फरार हैं. हालांकि, पुलिस उक्त मामले का बहुत जल्द उद्भेदन कर लेगी.
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